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Madras HC: हाईकोर्ट में ईडी के छापे के खिलाफ टीएएसएमएसी की याचिका खारिज, अब PMLA के तहत कार्रवाई
Thu, 24 Apr 2025 08:40 AM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 24 Apr 2025 08:40 AM IST
सार
मद्रास हाईकोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के खिलाफ टीएएसएमएसी की याचिका खारिज हो गई है। कोर्ट ने पीएमएलए के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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Madras High Court
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टीएएसएमएसी) और राज्य सरकार की ओर से दायर याचिकाओं को बुधवार को खारिज कर दिया। याचिकाओं में सरकारी शराब की खुदरा विक्रेता टीएएसएमएसी से जुड़े परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय के छापों को चुनौती दी गई थी।
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सरकार की ओर से दाखिल याचिका खारिज, अब PMLA के तहत कार्रवाई
जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और जस्टिस के राजशेखर की खंडपीठ ने टीएएसएमएसी की ओर से दायर दो याचिकाओं और तमिलनाडु सरकार की ओर से दाखिल एक याचिका को खारिज कर दिया। साथ ही ईडी को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
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धनशोधन का अपराध देश के लोगों के खिलाफ अपराध
टीएएसएमएसी और राज्य सरकार ने सरकारी शराब की खुदरा विक्रेता से जुड़े परिसरों पर ईडी के छह और आठ मार्च के छापों के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया था। पीठ ने कहा कि धनशोधन का अपराध देश के लोगों के खिलाफ अपराध है और छापेमारी राष्ट्र के हित एवं लाभ के लिए की गई थी।
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अदालत के कर्तव्य पर हाईकोर्ट की टिप्पणी
उसने कहा कि तलाशी के दौरान अधिकारियों को घंटों तक हिरासत में रखने और कर्मचारियों को बेवक्त घर भेजने की दलील देश के लाखों लोगों के अधिकारों के मद्देनजर अपर्याप्त एवं असंगत थी। छापे के राजनीतिक प्रतिशोध का नतीजा होने संबंधी दलील पर पीठ ने कहा, “क्या कोई अदालत राजनीतिक ताकतों की जांच कर सकती है या सियासी खेल में भागीदार बन सकती है। निश्चित तौर पर नहीं। यह अदालत का कर्तव्य नहीं है।”