फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   madras high court gave relief udhaynidhi stalin a raja in sanatana remark disposes quo warranto petition

Tamil Nadu: मद्रास हाईकोर्ट ने उदयनिधि स्टालिन और ए राजा को दी राहत, सनातन मामले में दायर याचिका खारिज

Wed, 06 Mar 2024 03:43 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 06 Mar 2024 03:43 PM IST
सार

मद्रास हाईकोर्ट ने सनातन धर्म को लेकर दिए गए बयान पर उदयनिधि स्टालिन और ए राजा को राहत दी है। हाईकोर्ट ने डीएमके नेताओं के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। 

विज्ञापन
madras high court gave relief udhaynidhi stalin a raja in sanatana remark disposes quo warranto petition
उदयनिधि स्टालिन और ए राजा - फोटो : पीटीआई

विस्तार

मद्रास हाईकोर्ट ने सनातन धर्म को लेकर दिए गए बयान पर उदयनिधि स्टालिन और ए राजा को राहत दी है। हाईकोर्ट ने डीएमके नेताओं के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। दरअसल सनातन धर्म को लेकर उदयनिधि स्टालिन, पीके शेखर बाबू को विधायक और डीएमके सांसद ए राजा को सांसद पद से हटाने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई थी। इस याचिका के खिलाफ डीएमके नेताओं ने मद्रास हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस अनिता सुमंत की पीठ ने डीएमके नेताओं को राहत देते हुए उनके खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी। 
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने यह कहकर खारिज की याचिका
वकील पी विल्सन ने कहा कि हिंदू मुन्नानी की टीम ने डीएमके नेताओं के खिलाफ क्यु वारंटो याचिका दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। बीते साल सितंबर में डीएमके नेता और तमिलनाडु सरकार के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया से करते हुए सनातन धर्म को खत्म करने की बात कही थी। उदयनिधि स्टालिन के बयान पर देश में खूब हंगामा हुआ और डीएमके नेता के खिलाफ कई एफआईआर हुईं थी। हिंदू मुन्नानी नामक संगठन ने विवादित बयान को लेकर डीएमके नेताओं को पद से हटाने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी। अब हाईकोर्ट ने कहा कि स्टालिन का बयान गलत था, लेकिन अभी तक उन्हें किसी कोर्ट ने दोषी नहीं माना है। हाईकोर्ट ने हिंदू संगठन की याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने कहा कि सनातन धर्म की तुलना एचआईवी, मलेरिया और डेंगू से करना संवैधानिक सिद्धांतों के खिलाफ है। संवैधानिक पद पर बैठे लोगों को विभाजनकारी बयान नहीं देने चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed