तमिलनाडुः कोर्ट ने मांगा सदन में हुए हंगामे का वीडियो, राज्यपाल-मुख्यमंत्री सचिव को नोटिस
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तमिलनाडु विधानसभा में पलानीसामी के बहुमत साबित करने के बाद विश्वासमत के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची डीएमके के मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की। कोर्ट ने इस मामले में 18 फरवरी को तमिलनाडु विधानसभा में हुए हंगामे का वीडियो मांगा है।
हाइकोर्ट ने इस मामले में असेंबली सचिव, स्पीकर, गवर्नर के सचिव, सीएम पलानीसामी के सचिव और राज्य के सचिव को नोटिस जारी किया है। केस की अगली सुनवाई 10 मार्च को होनी है।
आपको बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा में 18 फरवरी को जबरदस्त हंगामे तोड़फोड़ के बीच पलानीसामी ने बहुमत साबित कर दिया था, लेकिन मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके विरोध पर अड़ी रही।
याचिका में मांग थी कि सदन में फिर से बहुमत परीक्षण कराया जाए
डीएमके ने बहुमत साबित करने के दो दिन बाद ही मामले में मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। डीएमके शक्ति परीक्षण के दौरान सीक्रेट बैलेट की मांग कर रही थी, लेकिन विधानसभा स्पीकर ने उसे खारिज कर दिया था।
वरिष्ठ वकील और DMK के पूर्व सांसद ने मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हुलुवादी जी रमेश और जस्टिस आर महादेवन की बेंच में याचिका दायर की, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया। डीएमके ने याचिका के जरिए मांग की थी कि सदन में फिर से बहुमत परीक्षण कराया जाए और 18 फरवरी को हुआ शक्ति परीक्षण खारिज किया जाए।
18 फरवरी को सीएम पलानीसामी ने विधानसभा में शक्ति प्रदर्शन के लिए बुलाए गए विशेष सत्र में बहुमत हासिल कर था। उन्हें कुल 122 वोट मिले, जबकि उनके खिलाफ 11 वोट पड़े। मतदान से पहले डीएमके विधायकों के जबरदस्त विरोध की वजह से उन्हें सदन से बाहर कर दिया गया था।