सुविधाओं से लैस ‘हमसफर’ को नहीं मिल रहे सफर करने वाले
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राजधानी, शताब्दी, दुरंतो के बाद अब फ्लैक्सी स्कीम वाली एसी थ्री कोच से लैस हमसफर ट्रेन में भी यात्रियों का टोटा दिखाई पड़ रहा है। आधुनिक सुविधाओं से लैस आनंद विहार-गोरखपुर हमसफर (12572) ट्रेन सोमवार को आधी से भी कम सवारी लेकर रवाना हुई।
गोरखपुर से आनंद विहार के लिए आने वाली ट्रेनों में भी सीटें खाली हैं, जबकि इस रूट की अन्य मुख्य ट्रेनों की बात करें तो किसी भी एक्सप्रेस ट्रेन में कंफर्म बर्थ यात्रियों को नहीं मिल रहा है। हालांकि यह ट्रेन नियमित रूप से सोमवार से ही चलनी शुरू हुई है।
रेल मंत्री सुरेश प्रभु की भविष्य की रेल से भी लोग दूरी बनाने लगे है। काफी उत्साह व लंबी प्रतीक्षा के बाद देश की पहली हमसफर ट्रेन तो चली, लेकिन 1296 सीटें वाली इस ट्रेन में महज 505 सीटें ही बुक हुईं।
दरअसल, इस ट्रेन में 50 प्रतिशत सीटें अन्य ट्रेनों से कुछ ज्यादा दर पर बुक हो रही हैं, लेकिन यह दायरा बढ़ते ही बेसफेयर पर अगली 10 प्रतिशत सीटें 10 प्रतिशत बढ़े मूल्य पर बुक हो रही हैं। ऐसे में यात्रियों ने टिकट किराया बढ़ते ही इस ट्रेन से यात्रा करना गवारा नहीं समझा।
ट्रेन में तत्काल कोटे वाली सीट खाली ही रही
इस ट्रेन में तत्काल कोटे वाली सीट भी 140 के करीब खाली ही रहीं। अन्य कोटे वाली 24 सीटों को भी खरीदार नहीं मिल सका। कोच नंबर बी-7 तो खाली ही रहा। बी-16 में महज 17 लोगों ने सीटें बुक कराई तो बी-10 में महज 20 सीटें ही बुक हुईं। इसी तरह बी-17 में महज 15 सीटें बुक हुईं। सबसे अधिक सीटें बी-3 में बुक हुईं। इस कोच में 72 में से 40 सीटें बुक हुईं।
तत्काल कोटा व अन्य कोटा के अलावा आनंद विहार से जाने वाली इस ट्रेन में 23 दिसंबर को 255 सीटें, 30 दिसंबर को 689 सीटें खाली हैं। गोरखपुर से आने वाली हमसफर ट्रेन में भी सीटें खाली हैं।
22 दिसंबर को आने वाली हमसफर में 361 सीटें, 27 दिसंबर को आने वाली ट्रेन में 713 सीटें और 29 दिसंबर को आने वाली ट्रेन में 809 सीटें खाली हैं। अब देखना है कि रेल मंत्रालय की बहुप्रतिक्षित तेजस व उदय ट्रेन को यात्री कितना हाथों हाथ ले रहे हैं।