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दुनिया ने देखी चंद्रयान-2 की पहली झलक, 15 जुलाई को होगा लॉन्च
Wed, 12 Jun 2019 02:18 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Wed, 12 Jun 2019 02:18 PM IST
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चंद्रयान-2
- फोटो : ANI
भारत ने अपने महत्वकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 लूनरक्राफ्ट की पहली तस्वीर को दुनिया के सामने रखा है। इसे 15 जुलाई को सुबह 2 बजकर 51 मिनट पर लॉन्च किया जाएगा। इससे पहले इसरो चंद्रयान-1 का सफल प्रक्षेपण कर चुका है। इसे 22 अक्तुबर 2008 को लॉन्च किया गया था।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इससे पहले बताया था कि चंद्रयान-2 लूनरक्राफ्ट नासा के एक पैसिव एक्सपेरिमेंटल इंस्ट्रूमेंट को चांद पर ले जाएगा। अमेरिकी एजेंसी इस मॉड्यूल के जरिए धरती और चांद की दूरी को नापने का कार्य करेगी।
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विदेशी प्रायोगिक मॉड्यूल के अलावा चंद्रयान-2 में ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्राज्ञन) है। चंद्रयान-2 इस मिशन में 13 भारतीय पेलोड को लेकर जाएगा जो विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे और चांद की तस्वीरें लेंगे। नासा के मॉड्यूल के बारे में इसरो के अध्यक्ष के सिवन ने जानकारी दी।
के सिवन ने कहा था कि नासा का लेजर रिफ्लेक्टर अरेज एक प्रायोगिक माड्यूल चंद्रयान-2 के साथ जाएगा। अमेरिकी वैज्ञानिक धरती और चांद के बीच की दूरी को मापने के लिए इसका इस्तेमाल करेंगे। इस यंत्र को लैंडर से अटैच किया जाएगा। यह चंद्रमा की सतह पर लैंडर के स्थान का सटीक उल्लेख करने में सक्षम होगा।
उन्होंने कहा था कि नासा ने यह अनुरोध पिछले साल जुलाई में किया था और हमने पिछले साल सितंबर में इसे स्वीकार किया था। टेक्सस में मार्च में हुई लूनर एंड प्लानेटरी साइंस कांफ्रेस के दौरान नासा ने इस बात की पुष्टि की थी कि चंद्रयान-2 और इजरायली लैंडर बेरेशीट जो इस वर्ष 11 अप्रैल को चंद्रमा की सतह पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था वह नासा के लेजर रेस्ट्रोरिफ्लेक्टर अरेज लेकर जाएंगे।
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इससे पहले बताया था कि चंद्रयान-2 लूनरक्राफ्ट नासा के एक पैसिव एक्सपेरिमेंटल इंस्ट्रूमेंट को चांद पर ले जाएगा। अमेरिकी एजेंसी इस मॉड्यूल के जरिए धरती और चांद की दूरी को नापने का कार्य करेगी।
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विदेशी प्रायोगिक मॉड्यूल के अलावा चंद्रयान-2 में ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्राज्ञन) है। चंद्रयान-2 इस मिशन में 13 भारतीय पेलोड को लेकर जाएगा जो विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे और चांद की तस्वीरें लेंगे। नासा के मॉड्यूल के बारे में इसरो के अध्यक्ष के सिवन ने जानकारी दी।
Indian Space Research Organisation Chairman Dr. K Sivan: ISRO has firmed up that Chandrayaan 2 Mission will be launched on July 15 early morning at 2 hours 51 minutes. pic.twitter.com/E64eBaZfu7
— ANI (@ANI) June 12, 2019
के सिवन ने कहा था कि नासा का लेजर रिफ्लेक्टर अरेज एक प्रायोगिक माड्यूल चंद्रयान-2 के साथ जाएगा। अमेरिकी वैज्ञानिक धरती और चांद के बीच की दूरी को मापने के लिए इसका इस्तेमाल करेंगे। इस यंत्र को लैंडर से अटैच किया जाएगा। यह चंद्रमा की सतह पर लैंडर के स्थान का सटीक उल्लेख करने में सक्षम होगा।
उन्होंने कहा था कि नासा ने यह अनुरोध पिछले साल जुलाई में किया था और हमने पिछले साल सितंबर में इसे स्वीकार किया था। टेक्सस में मार्च में हुई लूनर एंड प्लानेटरी साइंस कांफ्रेस के दौरान नासा ने इस बात की पुष्टि की थी कि चंद्रयान-2 और इजरायली लैंडर बेरेशीट जो इस वर्ष 11 अप्रैल को चंद्रमा की सतह पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था वह नासा के लेजर रेस्ट्रोरिफ्लेक्टर अरेज लेकर जाएंगे।
Pictures of the modules of India's second lunar mission Chandrayaan-2 that is scheduled to be launched between July 9 and 16. pic.twitter.com/9wLXQruJWX
— ANI (@ANI) June 12, 2019