फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Lumpy Virus: 50% of the cows and buffaloes across the country are infected with this virus

Lumpy Virus: देशभर के 50 फीसदी गाय-भैंस इस वायरस की चपेट में, किसान संगठन ने केंद्रीय मंत्री को दी यह सलाह

Sat, 10 Sep 2022 05:12 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 10 Sep 2022 05:12 PM IST
सार

Lumpy Virus: राजस्थान के बीकानेर में ही हर दिन 300 गायों की मौत इस वायरस के संक्रमण की वजह से हो रही है। माना जा रहा है कि अकेले राजस्थान में ही अब तक इस वायरस ने हजारों पशुओं की जान ले ली है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान में इस संक्रमण से अब तक 45 हजार से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है...

विज्ञापन
Lumpy Virus: 50% of the cows and buffaloes across the country are infected with this virus
Lumpy Virus: केंद्रीय पशु पालन राज्यमंत्री के साथ किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

देश के कई राज्यों में लंपी वायरस पशुओं को अपनी चपेट में ले रहा है। लंपी से उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और अंडमान निकोबार जैसे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं। देश में 11 लाख से अधिक पशु इससे संक्रमित हुए हैं। इसका संक्रमण देश के 12 राज्यों के 165 जिलों में फैला हुआ है। इससे अब तक 50 हजार से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है। जिस तेजी से यह फैल रहा है, उसे देखते हुए इसे महामारी घोषित करने की मांग की जा रही है। देश में इस वायरस ने इस साल अप्रैल से पांव पसारना शुरू किया था। इससे पहले यह 2019 में ओडिशा और पश्चिम बंगाल में पहली बार इसका संक्रमण सामने आया था।

विज्ञापन


इसी सिलसिले में भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय पशु पालन राज्यमंत्री डॉक्टर संजीव बालियान से मुलाकात की। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर राजेश सिंह चौहान, राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक सहित अन्य सदस्यों ने केंद्रीय मंत्री से किसान समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि देशभर में लंपी के कारण लाखों पशुओं की मृत्यु हो चुकी है। किसान का सबसे बड़ा धन पशुधन ही होता है। लंपी के कारण किसानों की माली हालत चरमरा चुकी है। देशभर में 50 फीसदी से अधिक गोवंश इसकी चपेट में हैं। किसान के पशुओं को बचाने के लिए कोरोना की तर्ज पर पशुओं में वैक्सीनेशन कराया जाए। जिन पशुओं की मृत्यु हो चुकी है उन किसानों को पशु बीमा योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जाए। पशुओं की नस्लों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु पशु संस्थान खोले जाएं। देश में वेटरनरी कॉलेज विश्वविद्यालयों की संख्या में वृद्धि की जाए।
विज्ञापन


किसान संगठन की मांग पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गोवंश में लंपी की रोकथाम हेतु वैक्सीनेशन का कार्य राज्य सरकारों की सहायता से कराया जा रहा है। देश में नए वेटरनरी कॉलेज एवं विश्वविद्यालय की स्थापना भी की जा रही है। सरकार द्वारा गिर व देसी नस्लों के भी सीमन पशुपालकों को सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। भविष्य में डेयरी उद्योग को लाभकारी बनाने हेतु सरकार द्वारा कुछ कदम उठाए जा रहे हैं। हाल में ही नोएडा में विश्व स्तर की डेयरी समिट का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें दुनियाभर के देश हिस्सा ले रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

राजस्थान में सबसे अधिक मौतें

लंपी वायरस बहुत तेजी से फैल रहा है। हालत यह है कि राजस्थान के बीकानेर में ही हर दिन 300 गायों की मौत इस वायरस के संक्रमण की वजह से हो रही है। माना जा रहा है कि अकेले राजस्थान में ही अब तक इस वायरस ने हजारों पशुओं की जान ले ली है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान में इस संक्रमण से अब तक 45 हजार से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है। इससे करीब साढ़े 10 लाख पशु संक्रमित हुए हैं। इधर, हिमाचल प्रदेश में लंपी वायरस ने अभी तक 50 हजार से अधिक पशुओं को संक्रमित किया है। इसने राज्य में करीब दो हजार पशुओं की जान ली है।

उत्तर प्रदेश में कहां तक फैला है संक्रमण

यह बीमारी उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में भी तेजी से पैर पसार रही है। उत्तर प्रदेश के पशुपालन विभाग के मुताबिक प्रदेश के दो हजार 331 गांवों में 21 हजार से अधिक पशु संक्रमित हो चुके हैं। इस संक्रमण ने अब तक इन गांवों में दो सौ से अधिक पशुओं की जान ली है। प्रदेश के 21 जिलों में लंपी का संक्रमण मिला है। सबसे अधिक मामले अलीगढ़, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में सामने आए हैं। इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने पशु बाजारों पर पाबंदी लगा दी है।

हरियाणा में स्थिति नियंत्रण में

पशुपालन और खेती बाड़ी के लिए मशहूर हरियाणा में अब लंपी वायरस के संक्रमण में कमी देखी जा रही है। राज्य में प्रतिदिन करीब एक हजार मामले सामने आ रहे हैं। कुछ दिन पहले तक इन मामलों की संख्या दो हजार प्रतिदिन थी। राज्य में अब तक 15 लाख से अधिक पशुओं को टीके लगाए गए हैं। राज्य में इस वायरस ने करीब तीन सौ पशुओं की जान ली है।

स्वदेशी टीके से हो रहा है बचाव

लंपी वायरस केवल गाय और भैंस को ही संक्रमित करता है। इस संक्रमण को ठीक किया जा सकता है। इससे लड़ने के लिए केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पिछले महीने एक स्वदेशी वैक्सीन लंपी प्रोवैक की शुरुआत की थी। इसे हरियाणा के हिसार में स्थित राष्ट्रीय घोड़ा अनुसंधान केंद्र और उत्तर प्रदेश के बरेली में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के सहयोग से बनाया गया है

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed