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संसद से विदाई की तैयारी में जुटे लोकसभा सांसद, यादगार फोटो खिंचाने में मशगूल
Sun, 10 Feb 2019 07:05 AM IST
गौरव द्विवेदी
शरद गुप्ता, अमर उजाला, नई दिल्ली
शरद गुप्ता, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Sun, 10 Feb 2019 07:05 AM IST
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लोकसभा
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मौजूदा संसद का आखिरी सत्र भले ही बुधवार को खत्म होगा, लेकिन अधिकतर सांसद अभी से ही विदाई मूड में आ गए हैं। कुछ साथी सांसदों के लिए फेयरवेल पार्टी आयोजित कर रहे हैं, तो कुछ संसद भवन में साथियों संग यादगार फोटो खिंचवा रहे हैं। चार दिन पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार की सांसद बेटी सुप्रिया सुले ने साथी सांसदों के लिए विदाई पार्टी आयोजित की।
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कांग्रेस और भाजपा सहित लगभग सभी प्रमुख पार्टियों से उनके सांसद मित्र पार्टी में पहुंचे। एक सांसद ने कहा, हमारे लिए यह बेहद भावनात्मक अवसर था। हम में से बहुत से लोगों को नहीं पता कि आगामी लोकसभा चुनाव में किसको टिकट मिलेगा, किसे नहीं? हम इसके बाद संसद में कब मिलेंगे कोई नहीं जानता।
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वहीं, दो दिन पहले उत्तर प्रदेश के एक सांसद लोकसभा सचिवालय में अपनी पेंशन की जानकारी लेते नजर आए। उनका कहना था कि सुन रहे हैं इस बार कम से कम तीस से चालीस सीटों पर उम्मीदवार बदले जाएंगे। टिकट मिल भी गया तो जीत की क्या गारंटी? इसलिए अभी से ही मालूम करने में क्या हर्ज है? दो-तीन ऐसे भी सांसद हैं जो अपना टिकट कटने के प्रति इतने आश्वस्त हैं कि वे अभी से ही दूसरे दलों के नेताओं से पींगें बढ़ाने में लग गए हैं।
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राज्यसभा सांसदों पर निकाली खीज
तीन बार लोकसभा चुनाव जीत चुके तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी राज्यसभा सांसदों पर भड़ास निकालते दिखे। उनका कहना था कि हमें तो अपने क्षेत्र का ख्याल रखना पड़ता है, मतदाताओं के नखरे सहने पड़ते हैं। संसद सत्र के दौरान भी हर सप्ताहांत अपने क्षेत्र भागते हैं। लेकिन राज्यसभा सदस्य तो राजा हैं। वे पार्टी आलाकमान को छोड़कर किसी के प्रति जवाबदेह नहीं हैं।
खरीद रहे स्मृति चिह्न
पहली बार जीतकर आने वाले सांसद पहली मंजिल के बरामदे में फोटो खिंचा रहे हैं, तो अन्य संसद भवन के स्मृति चिह्न खरीद रहे हैं। ऐसे ही एक सांसद का कहना था कि उन्हें नाते रिश्तेदारों को भेंट देने के लिए ढेर सारे स्मृति चिह्न चाहिए।