फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Lok Sabha Ho Language MoS Home Nityanand Rai in a written reply news in hindi

लोकसभा: 'हो' जैसी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूचि में शामिल करने की मांग उठती रही है, बोले गृह राज्य मंत्री

Tue, 17 Dec 2024 05:16 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता महतो Updated Tue, 17 Dec 2024 05:16 PM IST
सार

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि पाहवा (1996) और सीताकांत मोहापात्रा (2003) समितियों के माध्यम से मापदंड निश्चित करने के प्रयास किए गए थे, लेकिन प्रयास अनिर्णायक साबित हुए।

विज्ञापन
Lok Sabha Ho Language MoS Home Nityanand Rai in a written reply news in hindi
नित्यानंद राय - फोटो : ANI

विस्तार

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने हो समेत कई भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूचि में शामिल करने की मांग पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि इन भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूचि में शामिल करने की मांग समय-समय पर उठती रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस पर विचार करने के लिए कोई निश्चित मापदंड नहीं है। 
विज्ञापन


गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा, "हो समेत कई भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूचि में शामिल करने की मांग समय-समय पर उठती रही है। भाषाओं को संविधानकी आछवीं अनुसूचि में शामिल करने की कोई निश्चित मापदंड नहीं है। भाषाओं का विकास एक गतिशील प्रक्रिया है। यह सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास से प्रभावित होती है, इसलिए संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए भाषाओं के लिए मानदंड तय करना मुश्किल है।"
विज्ञापन



उन्होंने आगे कहा, "पाहवा (1996) और सीताकांत मोहापात्रा (2003) समितियों के माध्यम से मापदंड निश्चित करने के प्रयास किए गए थे, लेकिन प्रयास अनिर्णायक साबित हुए। सरकार आठवीं अनुसूचि में भाषाओं को शामिल करने की आवश्यकताओं पर सचेत है। इन्हें ध्यान में रखते हुए ऐसे अनुरोधों पर विचार किया जाना चाहिए।"
विज्ञापन
विज्ञापन



नित्यानंद राय ने कहा, "जहां तक हो जैसी भाषाओं के संरक्षण का सवाल है तो सेंट्रल इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडियन लैंगुएजेस और शिक्षा मंत्रालय आदिवासी भाषाओं को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहा है। इसमें व्याकरण, शब्दकोश, लोक साहित्य, स्कूल एंड एडल्ट लिटरेसी प्राइमर्स और विभिन्न भाषाओं में शिक्षा के डॉक्यूमेंट्स तैयार किए जाते हैं।"
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed