फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   lok sabha health minister mandaviya accused misleading people on aiims madurai dmk congress walkout

Lok Sabha: स्वास्थ्य मंत्री के एम्स मदुरै पर दिए बयान से हुआ हंगामा, डीएमके, कांग्रेस ने सदन से किया वॉकआउट

Fri, 10 Feb 2023 05:37 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Fri, 10 Feb 2023 05:37 PM IST
सार

मांडविया ने कहा कि 'कुछ लोग हर चीज पर राजनीति करना चाहते हैं। मुझे पता है कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं क्योंकि हमने उन मेडिकल कॉलेज के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, जहां फैकल्टी नहीं है, बुनियादी ढांचा नहीं है और मरीज भी नहीं हैं।

विज्ञापन
lok sabha health minister mandaviya accused misleading people on aiims madurai dmk congress walkout
लोकसभा - फोटो : Social Media

विस्तार

शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री से एम्स मदुरै को लेकर पूरक प्रश्न किया गया था, जिस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के बयान से सदन में हंगामा हो गया और डीएमके और कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया। दरअसल स्वास्थ्य मंत्री ने लोकसभा में दिए अपने जवाब में विपक्ष पर गलत सूचना देने और राजनीति करने का आरोप लगाया, जिससे डीएमके के सांसद बुरी तरह उखड़ गए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के समर्थन में भी कुछ भाजपा सांसद सीट पर खड़े हो गए और सदन में हंगामा हो गया। 

विज्ञापन


दरअसल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने एक पूरक प्रश्न का जवाब देते हुए बताया कि एम्स मदुरै में मेडिकल कोर्स चलाए जा रहे हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 1900 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इसपर डीएमके सांसदों ने कहा कि एम्स मदुरै अभी तक तैयार नहीं है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री मांडविया ने डीएमके नेताओं पर सदन में गलत जानकारी देने और लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। मांडविया ने कहा कि 'कुछ लोग हर चीज पर राजनीति करना चाहते हैं। मुझे पता है कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं क्योंकि हमने उन मेडिकल कॉलेज के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, जहां फैकल्टी नहीं है, बुनियादी ढांचा नहीं है और मरीज भी नहीं हैं। यह उसी की प्रतिक्रिया में किया गया है'। 
विज्ञापन


मांडविया ने कहा कि इस तरह की अनियमितताएं मोदी सरकार में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। हम ऐसे मेडिकल कॉलेजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना जारी रखेंगे। मांडविया के इस बयान के बाद डीएमके और कांग्रेस सांसदों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। जिस पर भाजपा के भी कुछ सांसद मांडविया के समर्थन में आ गए और अपनी सीट पर खड़े होकर ऊंची आवाज में बोलना शुरू कर दिया। डीएमके सांसद दयानिधि मारन काफी नाराज दिखे और उन्होंने कहा कि 'वह कौन हैं, जो इस तरह बात कर रहे हैं। हम हमें ब्लैकमेल कर रहे हैं, धमका रहे हैं'। 
विज्ञापन
विज्ञापन


लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मामले को शांत करने की कोशिश की लेकिन डीएमके और कांग्रेस के नाराज सांसद सदन से वॉकआउट कर गए। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री ने सदन में बताया कि मोदी सरकार ने देश में मेडिकल कॉलेज की संख्या बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। साल 2014 में देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे जो आज बढ़कर 657 हो गए हैं। केंद्र सरकार ने मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए नियमों में राहत भी दी है। मांडविया ने कहा कि साल 2022 में ही 37 मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी गई है और 89 की आवेदन प्रक्रिया की जांच हो रही है। 

आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में मांडविया ने दी जानकारी
सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत रुपये खर्च कर कुल 4.34 करोड़ लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने की मंजूरी दी गई है। ये आंकड़ा इस साल दो फरवरी तक का है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को लोकसभा में इसके बारे में जानकारी दी। एक सवाल के लिखित जवाब में उन्होंने कहा कि योजना के तहत प्रति व्यक्ति औसत खर्च 11,924 रुपये है।

उन्होंने यह भी बताया कि 2 फरवरी, 2023 तक आयुष्मान कार्ड जारी करने की योजना के तहत कुल 23.07 करोड़ लाभार्थियों का सत्यापन किया जा चुका है। साल 2022-23 के लिए PMJAY के तहत उपयोग करने के लिए 6,412 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है और 2 फरवरी तक 4,580.10 करोड़ रुपये का उपयोग किया जा चुका है।

पांच मार्च को ही होगी नीट-पीजी प्रवेश परीक्षा: मांडविया
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने के इच्छुक चिकित्सा क्षेत्र के अभ्यर्थियों के लिए नीट-पीजी की परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम अनुसार पांच मार्च को आयोजित की जाएगी। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने यह जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालय ने उन एमबीबीएस अभ्यर्थियों के लिए इंटर्नशिप की कट-ऑफ बढ़ा दी है जिनकी इंटर्नशिप अभी पूरी नहीं हुई है ताकि कोई परीक्षा से वंचित नहीं रहे।

भारत में ओमिक्रॉन और उसके सब वैरिएंट प्रमुख कोरोनोवायरस वेरिएंट 
भारत में ओमिक्रॉन और उसके सब वैरिएंट प्रमुख कोरोना वायरस वैरिएंट बने हुए है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने शुक्रवार को लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीते 60 दिनों के दौरान, जीनोम अनुक्रमण प्रयोगशालाओं द्वारा विश्लेषण किए गए नमूनों में SARS-CoV2 के 90 से अधिक नए रूपों का पता चला है। ये विश्लेषण राष्ट्रीय बहु-एजेंसी संघ INSACOG ने किया है। 

उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन और उसके सब वैरिएंट भारत में प्रमुख रूप से बने हुए हैं। इनमें से, XBB और BQ देश में प्रचलित सबसे ज्यादा मौजूद सब वैरिएंट हैं। 

मंत्री भारती प्रवीण पवार ने आगे कहा कि मेडिकल ऑक्सीजन की मांग में किसी भी तरह की वृद्धि को संबोधित करने के लिए, केंद्र सरकार ने उपलब्धता बढ़ाने, वितरण को सुव्यवस्थित करने और देश में ऑक्सीजन भंडारण के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में राज्यों को मदद दी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed