बंगाल में बोले पीएम मोदी, दीदी और दिल्ली वाले देखें ये कैसी लहर चल पड़ी है
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
त्रिपुरा के उदयपुर में रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने तीन दिन पहले जो ढकोसला पत्र जारी किया है, उस 50 से 60 पेज के ढकोसला पत्र में एक बार भी मध्यम वर्ग का जिक्र नहीं है। मध्यम वर्ग के प्रति इतनी नफरत और गुस्सा इसलिए है क्योंकि उनको लग रहा है कि मध्यम वर्ग ने मोदी को जिता दिया है, इसलिए वो इस वर्ग को सजा देना चाहते हैं।
PM Modi in Udaipur, Tripura: Congress released their manifesto, their 'dhakosla patra' 3 days ago,not even once 'dhakosla patra' mentions middle class,such hatred towards middle class.They think middle class has made Modi win & that's why they're adamant on punishing middle class pic.twitter.com/TnqVg7DIp3
— ANI (@ANI) April 7, 2019विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग ईमानदार होता है। मध्यम वर्ग कानून का पालन करने वाला होता है। मध्यम वर्ग छोटे-मोटे हर टैक्स भरता है। उसी को खत्म कर दोगे तो देश का भला कैसे करोगे! उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए सत्ता पैसा कमाने का माध्यम होता है, हमारे लिए सत्ता सेवा करने का माध्यम है। त्रिपुरा में सरकार को अभी लंबा समय नहीं हुआ है, लेकिन परिवर्तन दिख रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज कानून व्यवस्था नियंत्रण में हैं, सड़क पर बिना भय चलना आसान हुआ है, वसूली गिरोह का डर खत्म हुआ है। नए भारत के नए त्रिपुरा के सपने और आकांक्षाएं बड़ी हैं। आकांक्षाओं और देश के सपने को सम्मान तभी मिल सकता है जब देश के संसाधनों पर सभी का समान अधिकार हो।
मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को त्रिपुरा के उदयपुर से पहले पश्चिम बंगाल के कूच बिहार में रैली की। 80 सीटों वाले उत्तर प्रदेश के बाद भाजपा की नजर पश्चिम बंगाल पर है। यहां भाजपा का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोकसभा सीटों पर कमल खिलाना है। इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अभियान मोड में लगे हैं।
उन्होंने एक बार फिर उन्हें पश्चिम बंगाल के विकास का स्पीड ब्रेकर बताते हुए कहा, "दीदी, जरा देख लो और दिल्ली में बैठे हुए लोग भी जरा देख लो, ये कैसी लहर चल पड़ी है।"राजनीति में जमीन खिसकना क्या होता है, अगर किसी को समझना हो, तो दीदी की बौखलाहट, दीदी का गुस्सा, देखकर समझ सकता है। मुझ पर आजकल गालियों की जो बौछार हो रही है, चुनाव आयोग पर वो जिस तरह भड़क रही हैं, उससे भी पता चलता है कि दीदी कितनी डरी हुई हैं।