लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

विज्ञापन
Hindi News ›   India News ›   Lok Sabha Elections 2019: EC discussion over PM Modi Mission Shakti address

'मिशन शक्ति' पर पीएम मोदी का संबोधन, चुनाव आयोग ने किया जांच कमेटी का गठन

चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: sapna singla Updated Thu, 28 Mar 2019 02:01 AM IST
मिशन शक्ति पर पीएम का संबोधन
मिशन शक्ति पर पीएम का संबोधन - फोटो : ANI / PTI
ख़बर सुनें

चुनाव आयोग इस बात की जांच करेगा कि उपग्रह भेदी मिसाइल के सफल इस्तेमाल की जानकारी देश को देने के लिए बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के दायरे में है या नहीं। आयोग की ओर से देर शाम जारी बयान के अनुसार, इस मामले में एक समिति का गठन किया गया है। आयोग ने वैज्ञाानिकों की इस उपलब्धि का राजनीतिक इस्तेमाल कर चुनावी लाभ लेने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा देश को संबोधित करने की विभिन्न दलों की शिकायत मिलने के बाद इसकी जांच के लिए समिति का गठन किया है। 





आयोग ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से देश को संबोधित करने का मामला आयोग के संज्ञान में लाया गया है। आयोग ने चुनाव आचार संहिता लागू होने के बीच अधिकारियों की समिति गठित कर तत्काल इस तामले की जांच करने का निर्देश दिया। 


विपक्ष का आरोप है कि ए-सैट लॉन्च की सफलता पर प्रधानमंत्री का संबोधन लोकसभा चुनाव 2019 की आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है।  
क्या कहा था पीएम ने?

प्रधानमंत्री ने कहा था देश ने अंतरिक्ष में महाशक्ति बनने के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। वैज्ञानिकों ने मिशन शक्ति के तहत अतंरिक्ष में जिंदा सैटेलाइट को मार गिराने की बड़़ी उपलब्धि हासिल की है। इस प्रणाली में एंटी सैटेलाइट मिसाइल सिस्टम के तहत यदि कोई देश हमारी संचार सुविधाओं में सेंध लगाने के प्रयास करेगा तो भारत उसे अंतरिक्ष में ही समाप्त करने का दम रखेगा। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत द्वारा सैटेलाइट विरोधी क्षमता के सफल प्रदर्शन की घोषणा दूरदर्शन पर की थी। इस पर विपक्ष ने सवाल उठाया था कि यह आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम इस संदेश को लेकर कांग्रेस, बसपा, वाम दल समेत विपक्ष के तमाम नेताओं ने आरोप लगाए। माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर पीएम के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी।

येचुरी ने कहा निसंदेह यह बड़ी उपलब्धि है लेकिन  अब तक इस तरह के मिशन को आम तौर पर डीआरडीओ जैसे संबंधित वैज्ञानिकों द्वारा राष्ट्र और दुनिया के लिए घोषित किया जाना चाहिए। इसके बजाय भारतीय प्रधानमंत्री ने इसकी घोषणा की है वह भी लोकसभा चुनाव 2019 के चुनाव अभियान के दौरान । वह भी तब जहां प्रधानमंत्री खुद उम्मीदवार हैं। यह साफतौर पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। माकपा महासचिव ने मुख्य चुनाव आयुक्त से जानना चाहा कि क्या पीएम ने इसकी पूर्व सूचना दी थी। उन्होंने लिखा है, पूरा देश जानना चाहता है कि वैज्ञानिकों की उपलब्धि को राजनीतिक रंग देने की कोशिश क्यों की गई। यह चुनावों के लिहाज से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। 

वहीं पूर्व चुनाव आयुक्त और आयोग के वरिष्ठ सदस्य ने कहा यह पूरा मामला आयोग के लिए बिल्कुल नया है। क्योंकि इससे पहले कभी ऐसी स्थिति आई ही नहीं। लेकिन इसे आयोग के सुरक्षा बलों की छवि और सैन्य बलों के दुरुपयोग को लेकर किए प्रावधानों की तरह ही इस मसले पर भी संज्ञान लेना चाहिए। क्योंकि यह एक तरह से उपलब्धि का श्रेय लेने जैसा हो सकता है।  

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00