{"_id":"6618e586a67d2101700cd9ce","slug":"lok-sabha-election-meet-padma-shri-awardee-damodaran-who-is-selling-veggies-for-his-poll-campaign-2024-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"LS Polls: सियासी रण में किस्मत आजमा रहे पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित दामोदरन, प्रचार के लिए बेच रहे सब्जियां","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
LS Polls: सियासी रण में किस्मत आजमा रहे पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित दामोदरन, प्रचार के लिए बेच रहे सब्जियां
Fri, 12 Apr 2024 01:11 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुचिरापल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुचिरापल्ली
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Fri, 12 Apr 2024 01:11 PM IST
सार
तिरुचिरापल्ली लोकसभा क्षेत्र में एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे दामोदरन सब्जी विक्रेताओं के साथ बातचीत करके, फूल माला बनाकर और सब्जियां बेचकर प्रचार कर रहे हैं।
विज्ञापन
पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित एस दामोदरन।
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लोकसभा चुनाव शुरू होने में कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में पार्टियों के नेता, उम्मीदवार से लेकर कार्यकर्ता तक सब अपनी चुनावी अभियान में ताकत झोंक रहे हैं। प्रचार अभियान के चलते राजनीतिक दल सुर्खियां बंटोर रहे हैं। वहीं पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित हो चुके एस दामोदरन भी काफी चर्चा में हैं। उनके सुर्खियों में होने की वजह उनके प्रचार करने का तरीका है।
विज्ञापन
ऐसे कर रहे प्रचार
तिरुचिरापल्ली लोकसभा क्षेत्र में एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे दामोदरन सब्जी विक्रेताओं के साथ बातचीत करके, फूल माला बनाकर और सब्जियां बेचकर प्रचार कर रहे हैं। 62 वर्षीय नेता का चुनावी चिह्न गैस स्टोव है। उन्होंने गांधी मार्केट में आए लोगों और सब्जी बेचने वालों से बात करके वोट मांगा।
विज्ञापन
मैं धरती का बेटा हूं
उन्होंने कहा, 'मैं तिरुचिरापल्ली लोकसभा क्षेत्र से एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में खड़ा हुआ हूं। मैं धरती का बेटा हूं। मैं त्रिची शहर से जुड़ा हुआ हूं। मैंने 40 साल से ज्यादा समय तक सैनिटेशन सेंटर में एसोसिएट सर्विस स्वयंसेवक के रूप में काम किया है। मैंने 21 साल की उम्र से काम करना शुरू कर दिया था। अब मैं 62 साल का हो गया हूं। सैनिटेशन सेंटर में काम करने के लिए मुझे तत्कालीन राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से पद्म श्री पुरस्कार मिला।'
विज्ञापन
21 साल की उम्र में ही शुरू किया काम
उन्होंने कहा, 'मैंने 21 साल की उम्र पर ही सामाजिक काम करना शुरू कर दिया था। तब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे। मैंने नौ प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल के दौरान सेवा की थी। इस दौरान मैंने शहर और ग्रामीण इलाकों में कई स्वच्छता से जुड़े काम किए। मैंने केंद्र प्रायोजित सभी ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रमों के तहत काम किया और हर गांव को आदर्श गांव बनाया।'
अपने चुनावी अभियान के बारे में दामोदरन ने कहा, 'मैंने आज से अपना प्रचार अभियान शुरू किया है। इसलिए मैं गांधी मार्केट गया था। ये मेरे संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है। मैं जहां भी जाता हूं मेरा शानदार स्वागत हो रहा है।'
त्रिची के लोगों की ये मांग
सत्ता में आने पर तिरुचिरापल्ली में महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के बारे में पूछे जाने पर दामोदरन ने कहा, 'हमें त्रिची को एक स्वच्छ और हरित शहर बनाने के लिए काम करने की जरूरत है। लोग शहर के लिए रिंग रोड की मांग कर रहे हैं क्योंकि यह केंद्र में स्थित है और कई बसें और परिवहन वाहन त्रिची को पार कर रहे हैं। हम त्रिची शहर में महत्वपूर्ण क्षेत्रों में फ्लाईओवर पर भी काम कर रहे हैं।'