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लोकसभा चुनाव 2019: 23 मई के बाद कईयों के बदल जाएंगे ‘मामा’
Thu, 16 May 2019 03:10 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Thu, 16 May 2019 03:10 AM IST
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मार्कंडेय काटजू (फाइल फोटो)
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अपने बयानों से विवादों में रहने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने फेसबुक पर एक कहानी के जरिए राजनीतिक दलों पर चुटकी ली है। फेसबुक पर ‘23 मई के दिन कईयों के मामा बदल जाएंगे’ नामक शीर्षक से कहानी को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, एक गांव में एक बौना रहता था। उस गांव में एक बार दंगल (कुश्ती) हुई।
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बौना भी उसे देखना चाहता था, मगर अखाडे़ के चारो तरफ भीड़ खड़ी थी। दंगल देखने के लिए बौना चिल्लाया, ‘मामा ने पटक दिया, मामा ने पटक दिया।’ उस वक्त एक पहलवान ने दूसरे पहलवान को पटक दिया था और उस पर चढ़ गया था।
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भीड़ के लोगों ने सोचा कि पहला पहलवान बौने का मामा है और उसे सामने ले आए ताकि वो दंगल देख सके। इस बीच दूसरा पहलवान, जो नीचे पड़ा था, ने एक दांव लगाया, जिससे पहला पहलवान गिर पड़ा और दूसरा उस पर चढ़ गया। इसे देख बौना चिल्लाया ‘यही है मेरा मामा, यही है मेरा मामा!’ 23 मई के बाद कई के मामा बदल जाएंगे।
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