राहुल के न्यूनतम आमदनी के दावे का पूरा गणित, पांच करोड़ परिवारों को ऐसे मिलेगा लाभ
- 20 फीसदी गरीब परिवारों को सालाना मिलेंगे 72 हजार रुपये
- इस योजना का फायदा सीधे तौर पर पांच करोड़ परिवारों को मिलेगा।
- अर्थशास्त्रियों के मुताबिक कांग्रेस की यह योजना देश पर डालेगी करीब 3,60,000 करोड़ रुपये् का बोझ।
- योजना से मिलने वाली राशि सीधे तौर पर गृहिणी के बैंक खाते में जाएगी।
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विस्तार
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपना मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए गरीब परिवारों को न्यूनतम आमदनी देने का वादा किया है। जाहिर है कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में इसे सबसे ऊपर जगह मिलेगी। इससे पहले भी 28 जनवरी को छत्तीसगढ़ की एक जनसभा में राहुल गांधी ने न्यूनतम आमदनी की गारंटी देने का दावा किया था। तब उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पार्टी आगामी चुनाव में जीती तो देश के हर गरीब को न्यूनतम आमदनी देगी।
राहुल गांधी का यह वादा उनकी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के 'गरीबी हटाओ' नारे की याद दिला रहा है। अब सवाल यह है कि 1971 में इंदिरा गांधी के लिए 'गरीबी हटाओ' का नारा जो जादू कर गया था, क्या वह जादू राहुल का यह दावा दिखा पाएगा! कांग्रेस लोगों का कितना विश्वास हासिल कर पाएगी।
जबसे राहुल गांधी ने इस योजना का एलान किया है तभी से लोगों के मन में इस योजना के बारे में अलग-अलग प्रकार के सवाल उठ रहे हैं। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर ये योजना क्या है और इसका फायदा किस तरह से गरीबों को मिलेगा।
कांग्रेस की न्यूनतम आय योजना का गणित
कांंग्रेस ने न्यूनतम आय योजना के तहत देश के 20 प्रतिशत सबसे गरीबों को इसका लाभ पहुंचाने का दावा किया है। अगर परिवार की आमदनी 12 हजार प्रतिमाह से कम है तो उस परिवार को इस योजना का लाभ मिलेगा। जब परिवार की आय 12 हजार हो जाएगी तो इसका लाभ मिलना बंद हो जाएगा, अगर 12 हजार से एक रुपया भी कम है तो योजना का लाभ मिलता रहेगा।
इसे ऐसे समझें कि यदि किसी परिवार में मासिक आमदनी 6 हजार है तो कांग्रेस सरकार उसके खाते में 6 हजार रुपये डालेगी। अगर आमदनी 7 हजार है तो 5 हजार, यदि आमदनी 8 हजार है तो 4 हजार, यदि आमदनी 9 हजार है तो 3 हजार डालेगी। मतलब यह कि परिवार की आमदनी कम से कम 12 हजार प्रतिमाह तक कर देना है। शर्त यह है कि सरकार अपनी तरफ से अधिकतम 6 हजार रुपये ही डालेगी।
- इस योजना का फायदा सीधे तौर पर पांच करोड़ परिवारों को मिलेगा। यानी पांच करोड़ परिवार के 25 करोड़ लोग इस योजना का फायदा उठा सकेंगे।
- अर्थशास्त्रियों की मानें तो कांग्रेस की इस योजना के लागू होने से देश पर करीब 3,60,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा जो देश की जीडीपी का करीब 1.8 फीसदी होगा।
- योजना से मिलने वाली राशि सीधे तौर पर गृहिणी के बैंक खाते में जाएगी। इस योजना से कांग्रेस ने महिलाओं को भी साधने की कोशिश की है। कांग्रेस का दावा है कि इस योजना के तहत देश से गरीबी जड़ से खत्म कर दी जाएगी। देश के अंदर कोई भी व्यक्ति गरीब नहीं रहेगा।
- इस योजना का सीधा फायदा उन लोगों को होगा जो छोटी-मोटी नौकरी करके अपना परिवार चलाते हैं।
- पहले चली आ रहीं मनरेगा जैसी योजनाओं पर इसका कोई असर नहीं होगा। न तो पुरानी कोई योजना बंद की जाएगी और न ही उनमें किसी तरह का बदलाव किया जाएगा। ये एक नई योजना होगी।