एग्जिट पोल के नतीजे कर रहे विपक्ष को इशारा...अब शुरू करो 2024 चुनाव की तैयारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कल आए लोकसभा चुनाव 2019 के एग्जिट पोल के आंकड़े एनडीए को भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनाने के लिए जबरदस्त बहुमत दे रहे हैं। जिससे ये साबित होता दिख रहा है कि 2014 जैसी ही मोदी लहर देश में थी, लेकिन पिछले आम चुनाव की तरह उभरकर सामने नहीं आ पाई। अगर एग्जिट पोल के आंकड़े 23 मई को परिणाम में तब्दील होते हैं तो ये साबित हो जाएगा की पांच साल के बाद भी देश की जनता में मोदी का जादू बरकरार है। हालांकि देश की राजनीति में ये किसी पहेली से कम नहीं होगा कि कोई पार्टी बिना अपना नेता बदले लगातार प्रचंड बहुमत के साथ सरकार में वापसी करने जा रही है।
मोदी का जादू बरकरार
मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा ने विपक्षी दलों को पीछे छोड़ दिया है। एग्जिट पोल के अनुसार हिंदी हार्टलैंड में भाजपा कुछ नुकसान के साथ अपने पुराने करिश्मे को दोहाराने में सफल दिख रही है। लेकिन टीम मोदी को सबसे बड़ी कामयाबी पश्चिम बंगाल और उड़ीसा जैसे राज्य में मिल रही है जहां उसकी उपस्थिति 2014 के आम चुनाव में बेहद ही कम रही थी। यहां भाजपा दहाईं के आंकड़ों को पार कर रही है। इसका मतलब साफ है कि भाजपा अपने हिंदी पट्टी वाले पारम्परिक राज्यों में हो रहे नुकसान की भरपाई बंगाल और उड़ीसा के राज्यों में कर लेगी।
अगर एग्जिट पोल सही साबित होते हैं और 2014 की तरह ही एनडीए सत्ता में लौटती है, तो ये चुनाव क्षेत्रीय दलों को मंथन के लिए मजबूर कर देगा। कांग्रेस और टीएमसी जैसे विपक्षी दलों के लिए ये बड़ा सवाल लेकर आएगा। साथ ही ये नतीजे संकेत हैं कि अगले पांच साल विपक्ष को भाजपा के खिलाफ नई रणनीति पर अमर करना होगा।
एग्जिट पोल नतीजे पर संदेह
एग्जिट पोल नतीजे को देखें तो इनके आंकड़े हमेशा से ही संदेह के घेरे में रहे हैं। चाहे वो अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया का चुनाव हो या फिर भारत का। एग्जिट पोल परिणामों की भविष्यवाणी करते हुए कई बार इसे गलत पाया गया है। याद रखें कि 2004 के आम चुनाव में एग्जिट पोल ने 543 सीटों वाले लोकसभा में एनडीए को 288 और यूपीए को 102 सीटें दी थीं। लेकिन आंकड़ा गलत साबित हुआ और यूपीए की सरकार बनी।
एग्जिट पोल नतीजे और आंकड़े
हालांकि 2014 में एग्जिट पोल ने एनडीए की जीत का संकेत दिया था और एनडीए की सरकार भी बनी। 2009 के चुनाव में भी एग्जिट पोल ने एनडीए को यूपीए से आगे बताया था। लेकिन चुनाव परिणाम में यूपीए ने बाजी मारी थी। कई बार एग्जिट पोल के गलत होने के बावजूद आंकड़े कहते हैं कि लोकसभा चुनावों के मामले में लगभग चार दशक के इतिहास में एग्जिट पोल की सटीकता दर करीब 80 प्रतिशत रही है।
अब 2024 की करो तैयारी
एग्जिट पोल के आंकड़े निश्चित रूप से भाजपा को राहत का अनुभव करा रहे होंगे। साथ ही विपक्षी दलों को झकझोरकर नींद से जगाने का भी काम करेंगे। इन नतीजों को देखकर विपक्ष मायूस है और उम्मीद में है कि एग्जिट पोल के आंकड़े भारी अंतर से गलत साबित हो जाएं। लेकिन इसके लिए 200 से अधिक सीट भाजपा को गंवानी पड़ेगी। खासकर यूपी, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में उलटफेर हो तभी विपक्ष के लिए आस बंध सकती है। अगर इन राज्यों के नतीजे एग्जिट पोल के नतीजे के आसपास भी रहें, तो विपक्षी दलों के लिए बेहतर होगा कि वो मजबूत तरीके से 2024 के लोकसभा के चुनाव की तैयारी शुरू कर दें।