फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   lok sabha Chunav 2019: Opposition raising by EVM issue doing its own harm

ईवीएम का मुद्दा उठाकर अपना नुकसान कर रहा विपक्ष!

Sun, 14 Apr 2019 07:47 PM IST
तिवारी अभिषेक डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: तिवारी अभिषेक Updated Sun, 14 Apr 2019 07:47 PM IST
विज्ञापन
lok sabha Chunav 2019: Opposition raising by EVM issue doing its own harm
ईवीएम-वीवीपैट (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

11 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग हो जाने के बाद विपक्ष एक बार फिर ईवीएम के मुद्दे पर एकजुट हो गया है। विपक्ष ने चुनाव आयोग से बैलेट पेपर से वोट कराने या पचास फीसदी ईवीएम में वीवीपीएटी मशीनों का इस्तेमाल करने और मतदान के बाद उनकी गणना कराने की मांग की। लेकिन क्या दूसरे चरण के मतदान के पहले यह मुद्दा उठाकर विपक्ष कोई गलती कर रहा है? परसेप्शन की लड़ाई में कहीं यह मुद्दा खुद विपक्ष को ही कमजोर तो नहीं कर रहा है?   

विज्ञापन


भाजपा ने इस मुद्दे को तत्काल भुनाने की कोशिश की। उसके प्रवक्ता जीवीएल नरसिंहा राव ने कहा कि जब इसी ईवीएम से खुद चंद्रबाबू नायडू चुनाव जीते थे तब उन्होंने ईवीएम को खराब क्यों नहीं बताया, जब अरविंद केजरीवाल ने 70 में 67 सीटें जीती थीं तब उन्होंने ईवीएम पर सवाल क्यों नहीं खड़ा किया। प्रेस कांफ्रेंस में शामिल कांग्रेस ने हाल ही में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान का चुनाव जीता है तब ईवीएम खराब क्यों नहीं हुई? 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि इससे यह साफ हो गया है कि जब विपक्ष को अपनी हार साफ दिखाई देने लगती है तब अब वह ईवीएम पर सवाल उठाने लगता है। इस चुनाव के पहले चरण में अपनी हार देख अब विपक्ष एक बार फिर ईवीएम पर सवाल खड़े कर रहा है क्योंकि हार का ठीकरा फोड़ने के लिए उसे कोई बहाना चाहिए।    

विज्ञापन
विज्ञापन

ईवीएम में कोई खराबी नहीं, लेकिन इसकी प्रोग्रामिंग खराब कर दी जाती है: केजरीवाल

रविवार को विपक्षी दलों की ईवीएम मुद्दे पर आयोजित हुई प्रेस कांफ्रेंस में शामिल एक नेता ने भी स्वीकार किया कि इससे नकारात्मक संदेश जाने का डर तो रहता है, लेकिन इस डर से हम वह सवाल उठाना बंद नहीं कर सकते जो लोकतंत्र के लिए जरूरी है। 

इसी प्रेस कांफ्रेस में अरविंद केजरीवाल ने यह भी कह दिया कि ईवीएम में कोई खराबी नहीं होती है। लेकिन इसकी प्रोग्रामिंग खराब कर दी जाती है जिससे इसके एक पक्ष में जाने की घटनाएं होने लगती हैं। लेकिन अरविंद केजरीवाल का यह स्टैंड इसी प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद चंद्रबाबू नायडू के दावे से बिल्कुल अलग था जिन्होंने प्रोग्रामिंग की बजाय मशीनों के ही खराब होने की शिकायत की। इससे भी विपक्ष इस मुद्दे पर अलग राय दिखा। 

भाजपा के एक नेता ने कहा, यह बात सभी लोग जानते हैं कि आंध्रप्रदेश में जगनमोहन बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और वहां चंद्रबाबू नायडू की स्थिति खराब है। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल अपनी हार को रोकने के लिए कांग्रेस के सामने गठबंधन के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं। ऐसे में इन प्रपंचों का कोई असर नहीं होने वाला है। उलटे अंतिम समय में अपना मन बनाने वाले वोटर इससे यह तय कर लेंगे कि जीतने की स्थिति में कौन है और उन्हें कहां वोट करना चाहिए। इससे इस बात की आशंका बढ़ रही है कि ईवीएम का सवाल विपक्ष पर बैक फायर कर सकता है।     

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed