उत्तर प्रदेश में ईवीएम बदलने के आरोपों पर चुनाव आयोग ने दिया ये जवाब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
2019 लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल आने के बाद उत्तर प्रदेश में ईवीएम बदलने के आरोप सामने आए थे। इस पर मंगलवार को यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और चुनाव आयोग दोनों ने जवाब दिया है। चुनाव आयोग ने कहा कि सूबे के कुछ जिलों से सामने आई ईवीएम विसंगतियां निराधार हैं। वहीं, यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा- वोटिंग वाले ईवीएम, सुरक्षा और सीसीटीवी कवरेज के तहत मजबूत सील कमरों में सुरक्षित हैं। ईवीएम बदलने की कोई संभावना नहीं है। आप घबराएं नहीं और आयोग पर भरोसा रखें।'
दरअसल, सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में ईवीएम बदलने को लेकर अफवाहें उड़ रही थीं। भारतीय जनता पार्टी पर ईवीएम बदलने के आरोप लग रहे थे। विपक्षी पार्टियां भी इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही थीं। इन अफवाहों पर विराम लगाने के लिए सूबे के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्टीकरण दिया।
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश में ईवीएम बदलने की अफवाहों को लेकर अराजक स्थिति सामने आ रही थी। मऊ में पिछली रात स्ट्रांग रूम के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी जिसे बाद में पुलिस ने खदेड़ा। इसके अलावा चंदौली में भी ईवीएम बदलने की अफवाह सोशल मीडिया पर सामने आई थी। गाजीपुर से भी इसी तरह की बात सामने आ रही थी। चुनाव आयोग ने कहा कि गाजीपुर में मतदान हुए ईवीएम स्ट्रांग रूम के बाहर उम्मीदवारों की निगरानी रखने का मामला सामने आया था, जिसे चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश के बाद सुलझा लिया गया है।
चुनाव आयोग ने चंदौली और डुमरियागंज से आई ईवीएम विसंगतियों को भी निराधार बताया।
ख़ास आपके लिए:- लोकसभा चुनाव नतीजे: आपके शहर में कौन आगे, कौन पीछे...पल-पल का हाल सीधे आपके मोबाइल पर
चंदौली में हुआ था जमकर हंगामा
चंदौली में सोमवार को ईवीएम बदलने को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। यहां के जिला मुख्यालय पर स्थित नवीन मंडी समिति परिसर में ईवीएम रखे जाने की सूचना मिलने पर विपक्षी दलों के लोगों ने जमकर हंगामा किया था। विपक्ष ने प्रशासन पर ईवीएम बदलने के आरोप लगाए थे। हालांकि, प्रशासन का कहना था कि यहां के स्ट्रॉन्ग रूम में उन ईवीएम को लाया गया है जिन्हें पूर्व में सकलडीहा तहसील पर रिजर्व मशीनों के रूप में रखा गया था।
सबसे पहले बिहार में उठा था ईवीएम बदलने का मामला
सबसे पहले बिहार से ईवीएम बदलकर गड़बड़ी की आशंका का मामला सामने आया था। सोमवार को आरजेडी-कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सारण और महाराजगंज सीट के एक स्ट्रांग रूम में घुसने की कोशिश कर रहे ईवीएम से भरे एक ट्रक को अंदर नहीं जाने दिया था। इसकी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी थी।
इसके बाद यूपी से भी लगातार ईवीएम बदलने के मामले सामने आए थे।