बंगाल में चुनाव प्रचार पर रोक लगाने के फैसले पर बोले सिंघवी- हमारे पास कोर्ट जाने का अधिकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग के पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार पर 24 घंटे पहले रोक लगाने के फैसले को लेकर कहा कि हमें आयोग से संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। चुनाव आयोग ने बिना किसी अर्ध-न्यायिक प्रक्रिया के चुनाव प्रचार में एक दिन की कटौती कर दी। पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा के लिए जब भारतीय जनता पार्टी जिम्मेदार है तो इसके लिए दूसरी पार्टियां क्यों परेशानी उठाएं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के इस फैसले को लेकर हमारे पास कोर्ट जाने से लेकर बाकी सभी अधिकार मौजूद हैं।
Delhi: Opposition delegation met with EC over ending election campaign in West Bengal 24 hours early. Abhishek Manu Singhvi, Congress says, "We did not receive a satisfactory response from the Election Commission." pic.twitter.com/mC4QpDlJQ0
विज्ञापन
— ANI (@ANI) May 16, 2019
बता दें कि कांग्रेस ने अमित शाह के रोड शो के दौरान पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा और उसके बाद चुनाव आयोग के एक दिन पहले ही प्रचार पर रोक लगाने के फैसले को लेकर आयोग के पास अपना प्रतिनिधि मंडल भेजा था। इसमें अभिषेक मनु सिंघवी भी मौजूद थे।
क्या है पूरा मामला?
पश्चिम बंगाल में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इसके बाद ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। दोनों ही पार्टियों ने मूर्ति तोड़ने का आरोप एक-दूसरे पर मढ़ा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना था कि भाजपा विद्यासागर की पंचधातू की मूर्ति बनवाएगी। सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसका जवाब देते हुए कहा था कि हमारे पास मूर्ति बनवाने के लिए पैसे हैं। क्या मोदी 200 साल पुराने धरोहर को लौटा सकते हैं। ममता बनर्जी का कहना था कि हमारे पास सबूत हैं और आप कहते हैं कि मूर्ति को टीएमसी ने तोड़ा है। आपको शर्म नहीं आती है। आरोप साबित करिए नहीं तो हम आपको जेल भेज देंगे।