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बकाया वसूलने गई बैंक टीम की दहशत से हो गई किसान की मौत
ब्यूरो/ अमर उजाला, बरेली
Updated Sun, 29 May 2016 02:07 AM IST
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आत्महत्या
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यूपी के बरेली में फूलों की खेती के लिए दिए गए कर्ज की वसूली को गई उत्तर प्रदेश सहकारी ग्रामीण विकास बैंक की टीम की दहशत से शनिवार शाम चार बजे बुजुर्ग किसान पोथीराम की मौत हो गई। यह देख टीम बिना वसूली के ही लौट आई। किसान के बेटे का आरोप है कि बैंक से लिया गया लोन गांव का दलाल हड़प गया और अब वसूली टीम के उत्पीड़न से उसके पिता की मौत हो गई। उसने कार्रवाई के लिए थाना शाही में तहरीर दी है।
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भोजीपुरा ब्लाक क्षेत्र के गांव सब्जीपुर खाता निवासी 60 वर्षीय किसान पोथी राम पुत्र नन्हे ने उत्तर प्रदेश सहकारी ग्रामीण विकास बैंक मीरगंज से 28 फरवरी 2012 को एक लाख रुपये का लोन फूलों की खेती करने के लिए लिया था। पोथी राम के बेटे बुधसेन के मुताबिक गांव का दलाल गिरधारी लाल उसके पिता के लोन आवेदन पर हस्ताक्षर कराने के बाद मय फोटो के ले गया और भुगतान मिलने पर रकम खुद रख ली। उन्हें एक पैसा भी नहीं मिला। जिस वजह से वह लोन जमा नहीं कर पाए। तीस जून 2015 को एक लाख सात हजार 80 रुपये बकाया होने पर बैंक से आरसी जारी हो गई। तब से बैंक की वसूली टीम तकादे को आती रही।
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शनिवार शाम चार बजे बैंक मैनेजर देवेश कुमार, एडीओ कोआपरेटिव फतेहगंज पश्चिमी समेत चार सदस्यीय टीम पोथीराम के घर बकाया वसूलने को पहुंची। आरोप है कि टीम के सदस्य किसान को जबरन अपने साथ ले जाने लगे तो वह गिर पड़ा। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। यह देख टीम गांव से वापस आ गई। एसओ हरचन सिंह यादव का कहना है कि तहरीर मिल गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उसी के आधार पर कार्रवाई होगी। इस घटना के बारे में बैंक मैनेजर देवेश कुमार ने बताया कि पोथीराम पहले से ही बीमार था। वसूली टीम ने उनकी पत्नी रामवती से सिर्फ इतना कहा था कि बकाया जमा करा दिया जाए। इसके अलावा किसान का किसी तरह का उत्पीड़न नहीं किया गया और न ही उसे घर से खींचा गया।
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