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भारत-अमेरिका: राजनाथ से मिले ऑस्टिन ने कहा- रूस से हथियार न खरीदे भारत

Sun, 21 Mar 2021 02:09 AM IST
Amit Mandal एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Sun, 21 Mar 2021 02:09 AM IST
सार

  •  भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाना बाइडन सरकार की शीर्ष प्राथमिकता 

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Llyod Austin met Rajnath, said India should not buy weapons from Russia
राजनाथ सिंह - फोटो : Twitter

विस्तार

अमेरिकी रक्षामंत्री लॉयड जेम्स ऑस्टिन ने शनिवार को भारत को रूस से एस 400 मिसाइल खरीदने से मना किया। विज्ञान भवन में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के दौरान ऑस्टिन ने कहा, हम चाहते हैं कि अमेरिका के सभी सहयोगी देश रूस से किसी तरह के हथियार का सौदा न करें। भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाना बाइडन सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।

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ऑस्टिन ने कहा, अमेरिका रूस से हथियार खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाता है और भारत को इन प्रतिबंधों से बचने के लिए ऐसा नहीं करना चाहिए। हालांकि मुलाकात के बाद ऑस्टिन ने कहा, चूंकि भारत भारत को अब तक एस 400 मिसाइलों की डिलीवरी नहीं हुई है हमारे बीच भारत पर प्रतिबंधों को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। अमेरिका भारत के लिए एक बड़ा हथियार विक्रेता देश है और दोनों देशों के बीच 3 अरब डॉलर की रक्षा खरीद को लेकर चर्चा जारी है। इसमें 30 बहुउद्देश्यीय सशस्त्र प्रिडेटर ड्रोन विमान शामिल हैं। अमेरिका की प्रमुख रक्षा कंपनी जनरल एटोमिक्स के प्रिडेटर-बी ड्रोन विमान करीब 35 घंटे तक लगातार उड़ान भरने और जमीन से लेकर समुद्र तक कहीं भी लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। इसके अलावा 150 लड़ाकू विमानों की खरीद पर भी बात चल रही है। मुलाकात के दौरान दोनों रक्षामंत्रियों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने, चीन की चुनौतियों व मुफ्त एवं मुक्त हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
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भारत ने रूस को किया है 80  करोड़ डॉलर का भुगतान 
भारत ने रूस से एस 400 मिसाइल खरीदने के लिए 80 करोड़ डॉलर का शुरुआती भुगतान 2019 में किया है। मिसाइल की पहली खेप इस साल के आखिर तक मिलने की उम्मीद है। 
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बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत महत्वपूर्ण साझेदार 
ऑस्टिन ने कहा, तेजी से बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृष्यों के बीच भारत एक बेहद महत्वपूर्ण साझेदार है। दक्षिण एशियाई क्षेत्र में भारत के साथ मजबूत रिश्ते बाइडन सरकार की नीतियों का केंद्रीय स्तंभ है। उन्होंने कहा, वैश्विक महामारी और बढ़ती चुनौतियों में भारत और अमेरिका साथ हैं। मुक्त एवं स्थिर अंतरराष्ट्रीय तंत्र की इन चुनौतियों के बीच अमेरिका भारत के साथ मुफ्त एवं मुक्त हिंद प्रशांत क्षेत्र की अवधारणा में कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ा है। चीन अपना वर्चस्व दिखाने का प्रयास निरंतर करता रहा है। ऐसे में भारत अमेरिका के साथ आने से उसके लिए चुनौतियां बढ़ेंगी।


21वीं सदी के सबसे मजबूत साझेदार बनेंगे: राजनाथ
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ऑस्टिन के साथ बैठक के बाद साझा बयान में कहा, भारत-अमेरिका 21वीं सदी के सबसे मजबूत साझेदार बनेंगे। भारतीय सेना और अमेरिकी सेना के हिंद प्रशांत कमान, केंद्रीय कमान और अफ्रीकी कमान के बीच सहयोग बढ़ेगा। हमारे बीच एलईएमओए, कोमकासा (सीओएमसीएएसए) और बेका (बीईसीए) समझौतों का अनुकूलन करने और हमारी सुरक्षा व समृद्धि में योगदान करने के लिए अपनी पूरी क्षमता प्राप्त करने पर भी सहमति बनी।दोनों सेनाओं के बीच संवाद व रक्षा व्यापार को बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा तकनीक, सूचना साझा करने, रसद सहयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष व साइबर क्षेत्र में भी दोनों देशों सहयोग बढ़ाएंगे। ऑस्टिन ने ग्वालियर में हुए मिग-21 बाइसन हादसे में वायुसेना पायलट ग्रुप कैप्टन आशीष गुप्ता की मौत पर शोक भी जताया।

 

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