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महाराष्ट्र: कम बारिश और सूखे की समस्या के कारण पशुधन की कीमतों में आई भारी गिरावट

Tue, 23 Oct 2018 02:57 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नांदेड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नांदेड Updated Tue, 23 Oct 2018 02:57 PM IST
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Livestock prices have plummeted low due to scanty rainfall and drought in Maharashtra
सूख के कारण कम हुई पशुओं की कीमत - फोटो : pexels.com

महाराष्ट्र के कई हिस्सों में कम बारिश के कारण किसानों को बहुस सी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं समस्याओं में से एक है पशुधन की मात्रा में कमी होना। जो कि सामान्य से भी आधी हो गई है। जलगांव के नांदेड से क्रॉप्स प्रोटेक्शन कमिटि के अध्यक्ष राजेंद्र अतारदे का कहना है कि जो गाय पहले 20-22 हजार रुपये में बिकती थी वह अब 8-10 हजार में बिक रही है। नांदेड को राज्य में एक बड़ा पशु बाजार माना जाता है।


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वहीं एक हाईब्रिड और जर्सी गाय अब केवल 30-35 हजार रुपये में बिक रही है। जबकि पहले यह 55-70 हजार रुपये में बिकती थी। ऐसा नहीं है कि गाय के दाम में ही कमी आई है। भैंस की कीमतों पर भी प्रभाव पड़ा है। जो भैंस पहले 1-1.25 लाख रुपये के बीच में बिकती थी, वह अब 55-70 हजार रुपये में बिक रही है। अतारदे का कहना है कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि राज्य के बड़े हिस्से में इस बार कम बारिश हुई है।

पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान कॉलेज के प्रोफेसर का कहना है कि पशुधन की कीमतें बहुत कम हो गई हैं। और ऐसा रातोंरात हुआ है। राज्य कृषि विभाग के मुताबिक मराठवाड़ा, उत्तरी महाराष्ट्र और विदर्भ के कई भाग सूखे का सामना कर रहे हैं। यहां सामान्य से 23 फीसदी तक कम बारिश हुई है। अभी तक राज्य सरकार ने औपचारिक रूप से सूखे की घोषणा नहीं की है और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि फैसला इस महीने के आखिर तक ले लिया जाएगा।

कृषि विकास का काम देखने वाले अतुल नेमादे का कहना है कि 'पशु अब ज्यादा महंगे नहीं रहे। खरीफ की फसल भी इस साल तबाह हुई है। किसानों को खेती का महज 60 फीसदी ही प्राप्त हुआ है। रबी की फसल के लिए भी अब कोई आस नहीं है क्योंकि सिंचाई के लिए पानी ही नहीं है। किसानों के पास बाजार से चारा खरीदने तक के पैसे नहीं हैं। क्योंकि वह काफी महंगा है। इंसानों को ही हफ्ते में एक बार पानी मिल रहा है तो फिर जानवरों का क्या हाल होगा। इसी कारण से बहुत से किसान अपने पशुओं को बेच रहे हैं क्योंकि वह उन्हें बुरी हालत में नहीं देख सकते।'

किसानों का कहना है कि सरकार भी दूध के दाम नहीं बढ़ा रही है। जबकि चारे के दाम आसमान छू रहे हैं। किसानों को कहा जा रहा है कि वह 27 रुपये प्रति लीटर दूध बेचें जबकि वह 37 रुपये प्रति लीटर बेचना चाहते हैं। किसान इस समय बेहद चिंता में हैं। पहले एक दिन में 300-500 पशु बिका करते थे लेकिन अब 3 हाजर पशु बिक रहे हैं।

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