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राजनीति: महाराष्ट्र की तरह अब 'दिल्ली' और पंजाब में होगी सियासत की लड़ाई, क्या सुरक्षा एजेंसियां बनेंगी हथियार?
Sat, 09 Apr 2022 06:34 AM IST
Jeet Kumar
अमित शर्मा, नई दिल्ली
अमित शर्मा, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 09 Apr 2022 06:34 AM IST
सार
दिल्ली और पंजाब के बीच भी सियासत का एक नया युद्ध शुरू हो चुका है जहां दोनों सरकारें एक दूसरे के नेताओं के खिलाफ एजेंसियों का जमकर इस्तेमाल कर सकती हैं।
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पीएम मोदी और सीएम केजरीवाल
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
महाराष्ट्र और केंद्र सरकार के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही है। माना जाता है कि दोनों सरकारों ने अपने-अपने क्षेत्राधिकार में आने वाली सुरक्षा और जांच एजेंसियों को दूसरे खेमे के नेताओं के पीछे लगाया और उनका जमकर दुरुपयोग किया।
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इसी तर्ज पर दिल्ली और पंजाब के बीच भी सियासत का एक नया युद्ध शुरू हो चुका है जहां दोनों सरकारें एक दूसरे के नेताओं के खिलाफ एजेंसियों का जमकर इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके पूर्व तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई पर भी सवाल उठे थे।
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आम आदमी पार्टी के नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, पंकज गुप्ता, सोमनाथ भारती और अन्य दर्जनों नेताओं पर विभिन्न मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए। विभिन्न एजेंसियों की टीमों ने कई बार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यालय से लेकर उनके आवास तक पर छापा मारा। अनेक नेताओं पर विभिन्न मामलों में केस दर्ज किए गए।
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सबसे ताजा मामले में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन पर मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि, इन सब घटनाओं के बाद भी अभी तक किसी बड़े नेता पर कोई आरोप साबित नहीं हो पाया है। आम आदमी पार्टी इसे लगातार बदले की राजनीति बताती रही है।
अब भाजपा नेताओं पर केस दर्ज हो रहे
चूंकि, दिल्ली में पुलिस केंद्र सरकार के अधीन आती है, लिहाजा आम आदमी पार्टी सरकार चाहकर भी भाजपा नेताओं को उसी के ‘खेल’ में उसकी तरह कोई जवाब नहीं दे पाई। लेकिन जैसे ही आम आदमी पार्टी ने पंजाब में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई, और पंजाब पुलिस पर उसका पूरा अधिकार हुआ, पार्टी ने अपनी चालें चलनी शुरू कर दी हैं। पंजाब में सरकार बनने के अभी एक महीने भी समय नहीं बीता है और इस बीच दो भाजपा नेताओं पर केस दर्ज किया जा चुका है।
पंजाब पुलिस ने दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा पर एक मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी करने की कोशिश की है। पुलिस ने बग्गा पर अपने ट्वीट-भाषणों के जरिए अरविंद केजरीवाल पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है।
बग्गा ने आरोप लगाया है कि पंजाब पुलिस ने स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बिना उनके आवास पर छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की, जबकि इस दौरान वे वहां उपलब्ध भी नहीं थे। पंजाब पुलिस और बग्गा के बीच लुकाछिपी का खेल अभी भी जारी है।
इसी बीच पंजाब में भाजपा के एक और नेता नवीन कुमार जिंदल पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। वे दिल्ली प्रदेश भाजपा के मीडिया इंचार्ज हैं। उन पर आईटी एक्ट की धारा 66 के अंतर्गत भी मामला दर्ज किया गया है जिसका अर्थ है कि उन पर सोशल मीडिया पर ट्वीट के जरिए अरविंद केजरीवाल की छवि खराब करने का भी आरोप लगाया गया है।
भाजपा नेता ने कहा
नवीन कुमार जिंदल ने अमर उजाला से कहा कि जब से आम आदमी पार्टी पंजाब में सत्ता में आई है, उसने आम लोगों की जिंदगी को बेहतर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है, लेकिन इसी बीच उसने भाजपा नेताओं पर मुकदमे करने शुरू कर दिये हैं। इससे यह समझ आ गया है कि उसकी आने वाले समय में राजनीति किस तरह की होने वाली है।
भाजपा नेता ने कहा कि अरविंद केजरीवाल हर मोर्चे पर असफल रहे हैं। कोरोना काल में मरीजों के उपचार से लेकर शिक्षा-स्वास्थ्य में कोई काम उन्होंने नहीं किया है, लेकिन इसके बाद भी केवल प्रचार के बल पर वे अपनी सियासत चमकाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आवाज उठाना जारी ऱखेंगे चाहे इसका परिणाम कुछ भी क्यों न हो।
इससे यह तो स्पष्ट हो ही गया है कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार का एक और राज्य से नया मोर्चा खुलना तय हो चुका है।