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राष्ट्रीय सुरक्षा कानून: दिल्ली पुलिस को इसी समय क्यों मिले ये अधिकार, किसान नेताओं को अनहोनी की आशंका!

Sat, 24 Jul 2021 04:55 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 24 Jul 2021 04:55 PM IST
सार

किसानों को आशंका है कि दिल्ली पुलिस को असीमित अधिकार देकर केंद्र सरकार उन्हें डराने और आंदोलन को खत्म करने की साजिश रच रही है...

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Lieutenant Governor of Delhi, Anil Baijal, has empowered the Delhi Police to arrest anyone at any time under the National Security Act
उपराज्यपाल अनिल बैजल - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

जिस समय देश में UAPA कानूनों को लेकर बहस छिड़ी हुई है, इनकी उपयोगिता को लेकर चर्चा की जा रही है, दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने अपने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए दिल्ली पुलिस को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत किसी को कभी भी गिरफ्तार करने का अधिकार दे दिया है। इस कानून के तहत किसी को गिरफ्तार करने के बाद उसे महीनों हिरासत में रखा जा सकेगा। इस मामले में गिरफ्तारी के बाद आसानी से जमानत भी नहीं मिलती है। दिल्ली पुलिस को ये अधिकार मिलने के बाद किसानों के कान खड़े हो गए हैं। किसान नेताओं को आशंका है कि उन्हें इस कानून के तहत गिरफ्तार कर किसान आंदोलन को दबाने की कोशिश हो सकती है।

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भारतीय किसान यूनियन, पंजाब के महासचिव हरिंदर सिंह लाखोवाल ने इसे एक भड़काऊ कार्रवाई बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों से बातचीत कर इसका एक सर्वमान्य हल निकालने की बजाय दिल्ली पुलिस को किसी को भी कभी भी हिरासत में लेने का अधिकार दे दिया है। उन्हें आशंका है कि सुरक्षा को खतरा बताकर किसान नेताओं को गिरफ्तार कराया जा सकता है। लेकिन किसान केंद्र सरकार की इन हरकतों से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

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किसान नेता ने कहा कि पूरे देश में एनएसए कानून को पुराना और अनुपयोगी बताया जा रहा है। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट भी इसकी उपयोगिता को लेकर सवाल खड़े कर चुकी है। इसके बाद भी केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली पुलिस को बिना सबूत किसी को भी हिरासत में लेने का अधिकार देना बेहद गलत है। उन्होंने कहा कि इन कानूनों का दुरुपयोग हो सकता है। लेकिन किसान इससे डरने वाले नहीं हैं और वे आगे भी संघर्ष करते रहेंगे।

दिल्ली पुलिस को मिले इस अधिकार की समयसीमा बहुत महत्वपूर्ण है। दिल्ली पुलिस को ये अधिकार 19 जुलाई से प्रदान किये गए हैं जबकि 22 जुलाई से किसान दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसान संसद का आयोजन कर कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं।

इसी बीच, देश के कई मीडिया संस्थानों और पत्रकारों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि इनकम टैक्स की रेड के बहाने सरकार मीडिया, पत्रकारों सहित उन सब पर कार्रवाई कर रही है जो उसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। इस समय में दिल्ली पुलिस को विशेष अधिकार देने से किसानों सहित विपक्ष को भी किसी अनहोनी की आशंका सता रही है।

दिल्ली पुलिस ने बताया सामान्य कार्रवाई

दिल्ली पुलिस के एक डीसीपी स्तर के अधिकारी ने कहा कि यह एक रूटीन कार्रवाई है। 15 अगस्त के आसपास सुरक्षा को देखकर पुलिस को इस तरह के अधिकार दिए जाते रहे हैं। यह अधिकार भी केवल 18 अक्तूबर तक के लिए ही दिया गया है। इसलिए इसमें कुछ भी अनुचित नहीं है।

अधिकार में क्या है

जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि उपराज्यपाल ने नेशनल सिक्योरिटी एक्ट, 1980 की धारा-2 के अंतर्गत दिल्ली पुलिस को किसी को भी गिरफ्तार करने का अधिकार दिया जाता है। यह अधिकार 19 जुलाई से लेकर 18 अक्तूबर तक लागू रहेंगे।

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