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Hindi News ›   India News ›   Letter to CJI: Former judges of Supreme Court and High Court appealed to CJI to take suo motu cognizance of fundamental rights in UP

सीजेआई को लिखा पत्र : पूर्व जजों ने यूपी में मौलिक अधिकारों की अनदेखी पर सीजेआई से संज्ञान लेने की अपील

Wed, 15 Jun 2022 06:08 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली/प्रयागराज।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली/प्रयागराज। Published by: योगेश साहू Updated Wed, 15 Jun 2022 06:08 AM IST
सार

12 पूर्व जजों व वरिष्ठ वकीलों ने इस पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने दलील दी कि प्रदर्शनकारियों को उनकी बात कहने का मौका देने के बजाय यूपी प्रशासन ने इनके खिलाफ कार्रवाई का फरमान सुना दिया है। सीएम ने दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, 1980 और उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) कानून, 1986 के तहत मुकदमा दर्ज करने का भी आदेश दिया है।

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Letter to CJI: Former judges of Supreme Court and High Court appealed to CJI to take suo motu cognizance of fundamental rights in UP
सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : PTI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के पूर्व जजों व कुछ वरिष्ठ वकीलों ने सीजेआई एनवी रमण को पत्र लिखकर यूपी में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने और उनके घर ढहाए जाने के मामले में स्वत: संज्ञान लेने की मांग की है। पत्र में कहा गया कि यूपी में मौलिक अधिकारों को बर्बर ढंग से दबाया जा रहा है।

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पूर्व जजों ने पत्र में लिखा, यूपी में बिगड़ रही कानून व्यवस्था की स्थिति पर काबू पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। खासतौर से पुलिस व अन्य सरकारी विभागों की मनमानी पर, जिसके चलते नागरिकों के मौलिक अधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। 
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12 पूर्व जजों व वरिष्ठ वकीलों ने इस पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने दलील दी कि प्रदर्शनकारियों को उनकी बात कहने का मौका देने के बजाय यूपी प्रशासन ने इनके खिलाफ कार्रवाई का फरमान सुना दिया है। सीएम ने दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, 1980 और उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) कानून, 1986 के तहत मुकदमा दर्ज करने का भी आदेश दिया है। इसके बाद से पुलिस ने प्रदर्शनकारियों का उत्पीड़न करना शुरू कर दिया है। 
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सीएम ने अफसरों को दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई का आदेश दिया है जिससे उदाहरण स्थापित हो ताकि कोई भी अपराध न करे व भविष्य में कानून को अपने हाथ में न ले। पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी, वी गोपाला गौड़ा, एके गांगुली, दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस व भारतीय विधि आयोग के पूर्व अध्यक्ष जस्टिस एपी शाह, मद्रास हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस के चंद्रू, कर्नाटक हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मोहम्मद अनवर, वरिष्ठ अधिवक्ता शांति भूषण, इंदिरा जयसिंह, चंदर उदय सिंह, श्रीराम पंचू, आनंद ग्रोवर और वकील प्रशांत भूषण शामिल हैं।

जावेद के घर से अवैध असलहे मिलने के मामले में केस दर्ज
अटाला बवाल के मामले में मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे जावेद मोहम्मद के घर से अवैध हथियार मिलने के मामले में भी केस दर्ज हुआ है। करेली पुलिस ने इस मामले में फिलहाल अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मकान के ध्वस्तीकरण के बाद पुलिस ने दावा किया था कि जावेद के घर से दो तमंचे, कारतूस व चाकू बरामद हुआ है। इसी मामले में पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है।


प्रयागराज : कार्रवाई के डर से खुद तोड़ने लगे अवैध निर्माण
अटाला इलाके में जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल के बाद से ही प्रशासन कार्रवाई में जुटा है। ऐसे में घटना के चौथे दिन भी अटाला इलाके में लोगों में दहशत है। मंगलवार को नगर निगम के अतिक्रमण निरोधी दस्ते के आने की सूचनाएं इलाके में पहुंचती रहीं। ऐसे में लोगों ने अपने अवैध निर्माण को खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया। बवाल के मास्टरमाइंड कहे जाने वाले जावेद पंप का घर गिराए जाने के बाद से ही अटाला में भी ऐसी कार्रवाई की आशंका बनी हुई है।

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