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Letter Row: 'फर्जी आरोपों-याचिकाओं के जाल में न फंसें,' कर्नाटक के मंत्री की राज्यपाल थावरचंद गहलोत से अपील

Wed, 09 Aug 2023 06:12 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरू Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 09 Aug 2023 06:12 PM IST
सार

Letter Row: कर्नाटक के कृषि मंत्री एन चालुवरयास्वामी ने बुधवार को राज्यपाल थावरचंद गहलोत से अपील की कि वह गैर-जिम्मेदार फर्जी आरोपों और फर्जी याचिकाओं के जाल में न फंसें।

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Letter row: Karnataka Minister asks Guv not to fall prey to fake allegations, petitions
N Chaluvarayaswamy, Thaawarchand Gehlot - फोटो : Social Media

विस्तार

कर्नाटक के कृषि मंत्री एन चालुवरयास्वामी ने बुधवार को राज्यपाल थावरचंद गहलोत से अपील की कि वह गैर-जिम्मेदार फर्जी आरोपों और फर्जी याचिकाओं के जाल में न फंसें। उनकी अपील ऐसे समय में आई है जब मांड्या जिले के सात सहायक कृषि निदेशकों (एडीए) ने हाल ही में गहलोत को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि मंत्री, संयुक्त निदेशक के जरिए उन पर छह से आठ लाख रुपये की रिश्वत देने का दबाव बना रहे हैं।

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सहायक कृषि निदेशकों ने चेतावनी दी कि अगर रिश्वत मांगने की ऐसी परंपरा को नियंत्रित नहीं किया गया तो वे अपने परिवारों के साथ आत्महत्या कर लेंगे। इसके बाद राज्यपाल कार्यालय ने मुख्य सचिव वंदिता शर्मा को जांच के लिए पत्र सौंप दिया। हालांकि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पत्र को फर्जी बताया, लेकिन उन्होंने सीआईडी जांच का आदेश दिया।

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राज्यपाल को लिखे पत्र में चालुवरयास्वामी ने कहा,'मैं विनम्रतापूर्वक आपसे प्रार्थना करता हूं कि आप इस तरह के गैर-जिम्मेदार फर्जी आरोपों और फर्जी याचिकाओं के जाल में न फंसें।'मंत्री ने राज्यपाल से भविष्य में ऐसी घटनाएं होने पर प्रारंभिक जांच का आदेश देने की भी अपील की। उन्होंने कहा, अगर शुरुआती जांच में पत्र सही लगता है तो जांच का आदेश दिया जाना चाहिए।

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चालुवरयास्वामी ने कहा कि अगर यह सही पाया जाता है और सबूतों के साथ समर्थित होता है तो उस मामले को जांच के लिए उपयुक्त होना चाहिए अन्यथा असामाजिक तत्वों और निहित स्वार्थों द्वारा आसानी से संवैधानिक संस्थानों का दुरुपयोग  सरकार, विभाग और मेरा नाम खराब करने के लिए किया जाएगा।
 

मंत्री ने दावा किया कि यह पत्र पूरी तरह से फर्ती है। उन्होंने कहा कि जब उन्हें इसके बारे में पता चला वह हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में पाया गया कि सहायक निदेशकों ने ऐसा कोई पत्र नहीं लिखा है। उनके मुताबिक, कथित तौर पर पत्र लिखने वाले सात सहायक निदेशकों में से एक रमेश हैं, जो मांड्या में काम नहीं कर रहे हैं। अन्य अधिकारियों ने भी कहा है कि उन्होंने राज्यपाल को पत्र नहीं लिखा है।

उन्होंने कहा,'यह पूरी तरह से उन निहित स्वार्थी तत्वों का काम है जो मेरे खिलाफ हैं। उन्होंने मेरी छवि खराब करने और संवैधानिक संस्था (राज्यपाल के कार्यालय) का दुरुपयोग करने के लिए सभी साधनों का गलत इस्तेमाल किया है। उन्होंने राजभवन के अवर सचिव द्वारा हस्ताक्षरित एक कवरिंग लेटर के साथ मुख्य सचिव को फर्जी पत्र भेजने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।'

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