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एनएचआरएम फंड: कोरोना मरीजों के इलाज में महाराष्ट्र और केंद्र सरकार का कमतर प्रदर्शन, 50 फीसदी से भी कम राशि खर्च की
Fri, 18 Feb 2022 07:24 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 18 Feb 2022 07:24 PM IST
सार
स्वास्थ्य विभाग का कुल खर्च केवल 46.7 प्रतिशत है, जबकि चिकित्सा शिक्षा विभाग ने अब तक 49.7 प्रतिशत खर्च किया है।
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Covid 19 treatment
- फोटो : PTI
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विस्तार
स्वास्थ्य संबंधी पहल जन आरोग्य अभियान (जेएए) के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र और केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिए 50 प्रतिशत से भी कम राशि खर्च की है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के एक अनौपचारिक समूह जेएए ने महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपने पोर्टल पर साझा किए गए आंकड़ों के आधार पर यह बयान दिया है।
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जेएए ने कहा कि एनआरएचएम के लिए राज्य के हिस्से के रूप में 1,583 करोड़ रुपये में से केवल 32.3 प्रतिशत धन 2021-22 में खर्च किया गया है। इसी तरह केंद्र सरकार ने केवल 41.3 प्रतिशत खर्च किया है। इस वित्तीय वर्ष में दो महीने से भी कम समय बचा है। स्वास्थ्य विभाग का कुल खर्च केवल 46.7 प्रतिशत है, जबकि चिकित्सा शिक्षा विभाग ने अब तक 49.7 प्रतिशत खर्च किया है।
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जेएए ने कहा कि महाराष्ट्र में सबसे अधिक कोविड-19 मामले सामने आए और मौतें हुईं, लेकिन राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने चालू वित्त वर्ष में 1,733 करोड़ रुपये के प्रस्तावित खर्च में से सिर्फ 110 करोड़ रुपये या मुश्किल से 6 प्रतिशत खर्च किए थे।
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स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभागों ने इस वर्ष के दौरान आपूर्ति और सामग्री (दवाओं और ऑक्सीजन सहित) के लिए 2077 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। लेकिन केवल 180 करोड़ रुपये, या बजट राशि का 8.6 प्रतिशत खर्च किया गया है, जो बेहद चिंताजनक है। ऐसे समय में जब महामारी के कारण स्वास्थ्य देखभाल की जरूरतें अधिक हैं, प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा।