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मुंबई: चार साल के मासूम को लेकर जंगल में भागा तेंदुआ, चाचा ने पीछे दौड़ कर बचाई जान
Thu, 30 Sep 2021 03:42 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
Published by: Trainee Trainee
Updated Thu, 30 Sep 2021 03:42 PM IST
सार
मुंबई में पहली बार नहीं बीते एक महीने में चार बार हमला हुआ। स्थानीय लोग लगातार तेंदुए के हमले के डर में जी रहे हैं। लोग देर रात तक इधर-उधर घूमते दिखाई दिया करते थे लेकिन अब शाम के बाद अपने घरों में ही बंद रहते हैं।
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आरे जंगल में तेंदुए से दहशत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुंबई के आरे जंगल में रविवार शाम 25 वर्षीय युवक ने एक तेंदुए के पीछे दौड़ लगाकर अपने चार वर्षीय भतीजे की जान बचाई। शाम करीब सात बजे बच्चा आरे के यूनिट-3 इलाके में अपने घर के बाहर खेल रहा था। तभी अचानक एक जंगली तेंदुआ उस पर झपट पड़ा। मौके पर बच्चे के साथ मौजूद चाचा विनोद कुमार यादव ने जब यह देखा तो वे आनन-फानन में तेंदुए के पीछे भागे।
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विनोद यादव ने बताया कि मैं दरवाजे पर खड़ा था तभी देखा कि तेंदुआ आयुष पर हमला कर रहा है। उसने आयुष को सिर से पकड़ लिया था और जंगल की ओर ले जा रहा था। उसने जब आयुष को गले से पकड़ा तो यह देख कर मैं चिल्लाया और तेंदुए के पीछे भागा। तभी तेंदुआ आयुष को सिर से पकड़कर और तेजी से जंगल की ओर भागने लगा। सौभाग्य से दौड़ते हुए उसने अपनी पकड़ खो दी और तभी मैंने आयुष पर छलांग लगा दी और उसे पकड़ लिया।
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बहरहाल, इस हमले में आयूष की गर्दन में चोटें आई हैं और सिर में 8 टांके लगे हैं। इस घटना के बाद से स्थानीय लोग सूर्यास्त के बाद घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने झाड़ियां साफ करवा दी हैं और कूड़ेदान डलवा दिए हैं, लेकिन भय का माहौल कायम है।
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विनोद कुमार यादव ने कहा है कि 'स्थानीय लोगों में तेंदुए के हमले को लेकर लगातार डर बना हुआ है। पहले लोग यहां देर रात तक जगते थे, लेकिन अब सूर्यास्त होते ही अपने घरों में बंद हो जाते हैं। अगर किसी को वॉशरूम जाना है, तो उसके साथ चार लोग जाते हैं। हाल के दिनों में इस इलाके में तेंदुए के हमले की कई घटनाएं सामने आई हैं। एक महीने के अंदर तेंदुए के चार हमलों की घटना के बाद वन विभाग और संरक्षणवादियों ने वहां कैमरे और पिंजरे लगाए हैं, ताकि जंगल में इंसान और जानवरों के बीच टकराव को टाला जा सके।