अब कम्युनिस्ट नेता ने कहा, 'लाल देह लाली लसे' वाले हनुमान जी हमारे
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योगी आदित्यनाथ के द्वारा हनुमान जी को 'दलित जाति' का बताने से शुरू हुआ बवाल अब उनके मन्दिरों पर कब्जे तक पहुंच गया है। इसी बीच कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अंजान ने कहा है कि अगर हनुमान जी को किसी से जोड़ना ही है तो उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी से जोड़ना चाहिये।
उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें भी लाल रंग पसन्द है और कम्युनिस्ट पार्टियों का पसंदीदा रंग भी लाल ही है। इसके अलावा उन्होंने अपने आदिवासी-वनवासी भाइयों को समाज की मुख्यधारा में लाने का काम किया था। कम्युनिस्ट पार्टी भी यही काम करती है।
भगवानों की जाति तय करने लगी है भाजपा : अतुल
अतुल अंजान ने कहा कि भाजपा की यह बेहद शर्मनाक राजनीति है कि वह अपने लाभ के लिए भगवानों की जाति भी तय करने लगी है। पहले वह सम्प्रदाय के नाम पर दो धर्मों के लोगों को अलग करने का काम करती थी। अब वह देवताओं की जाति बताकर एक जाति को दूसरी जाति से लड़वाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा यह सब चुनाव में वोटों का फायदा लेने के लिए कर रही है लेकिन जनता उसकी सच्चाई जान चुकी है और पांच राज्यों के इन चुनाव परिणामों से उसे इसका एहसास भी हो जाएगा। अंजान के मुताबिक पहले इन पांच राज्यों में और फिर लोकसभा के चुनाव में भाजपा को भारी हार का सामना करना पड़ेगा।