लालकृष्ण आडवाणी और कैप्टन अमरिंदर सिंह की जान को खतरा! इस आतंकवादी ने दी धमकी
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरपतवंत सिंह के बारे में कहा था कि वह पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ाने के प्रयासों में शामिल रहा है...
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देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की जान को खतरा है। खालिस्तानी आतंकी संगठन 'जस्टिस फॉर सिख' की तरफ से एक विवादास्पद पोस्टर जारी कर इन दोनों नेताओं की मौत का फतवा जारी किया गया है।
इतना ही नहीं, पिछले दो दिनों से सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के संचालक गुरपतवंत सिंह की तरफ से, भारतीय मीडिया को पहले से रिकॉर्ड किए संदेश भेज रहा है। ये संदेश अमेरिका से किए जा रहे फोन के जरिए सुनाए जा रहे हैं।
इन संदेशों में उसने कहा है कि पांच नवंबर को दिल्ली से लंदन जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट को रोकने के लिए वह कुछ भी कर सकता है। इसे लेकर देश की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। हालांकि दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि आरोपी गुरपतवंत सिंह ऐसे बयान जारी कर मीडिया में सुर्खियां बटोरना चाहता है। वह पहले भी इस तरह के बयान देता रहा है। एजेंसियां अपने स्तर पर चौकसी बरत रही हैं।
बता दें कि कुछ समय पहले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम एक्ट के तहत सिख फॉर जस्टिस के संचालक गुरपतवंत सिंह पन्नू को आतंकवादी घोषित किया है। एनआईए इस केस की जांच कर रही है। जांच एजेंसी ने गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम एक्ट के अंतर्गत गुरपतवंत सिंह की संपत्ति भी जब्त की है।
सरकार का कहना है कि गुरपतवंत सिंह भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों का संचालन कर रहा है। सिख समुदाय के युवाओं को गलत राह पर जाने के लिए भड़का रहा है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरपतवंत सिंह के बारे में कहा था कि वह पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ाने के प्रयासों में शामिल रहा है। विदेशी धरती से आतंक और तोड़फोड़ की गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है।
इंडियन वर्ल्ड फोरम के महासचिव पुनीत सिंह चंडोक ने इस मामले में कहा है कि गुरपतवंत सिंह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर काम कर रहा है। इसने कभी भी सिख समुदाय के 1984 के दंगा पीड़ितों की मदद नहीं की है। वह केवल लोगों को भड़का रहा है।