फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Lakhimpur Kheri Violence: Former IPS and former puducherry LG Kiran Bedi said, In a democracy, people have the right to protest But under the limits of law and order

लखीमपुर खीरी हिंसा: किरण बेदी बोलीं- विरोध प्रदर्शन का अधिकार, तोड़फोड़ और अनिश्चितकाल तक सड़कें रोकने का कोई हक नहीं

Mon, 04 Oct 2021 05:53 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Mon, 04 Oct 2021 05:53 PM IST
सार

पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने अमर उजाला से विशेष बातचीत के दौरान कहा कि जब प्रदर्शनकारी अपनी कानूनी सीमाएं लांघते हैं तो यह कानून-व्यवस्था का प्रश्न बन जाता है। ऐसे समय में कानून-व्यवस्था को सामान्य बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी बन जाती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रशासन को प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनका पक्ष सुनना चाहिए और उन्हें सरकार की बात से अवगत कराना चाहिए...

विज्ञापन

विस्तार

लखीमपुर खीरी में चार किसानों और चार भाजपा कार्यकर्ताओं की दुखद मृत्यु से प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इसी बीच पूर्व आईपीएस किरण बेदी ने कहा है कि लोकतंत्र में लोगों के पास विरोध का अधिकार है और इस अधिकार को ताकत के बल पर दबाया नहीं जा सकता। लेकिन यह विरोध प्रदर्शन कानून-व्यवस्था की सीमा को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। विरोध प्रदर्शन करने के दौरान दूसरों के अधिकारों का हनन, अनिश्चितकाल तक सड़क को ब्लॉक कर देना या सार्वजनिक संपत्तियों में आगजनी-तोड़फोड़ करने को किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता। यदि प्रदर्शनकारी इस तरह का कार्य करते हैं तो इससे पुलिस की चुनौतियां बढ़ जाती हैं।

विज्ञापन


पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने अमर उजाला से विशेष बातचीत के दौरान कहा कि जब प्रदर्शनकारी अपनी कानूनी सीमाएं लांघते हैं तो यह कानून-व्यवस्था का प्रश्न बन जाता है। ऐसे समय में कानून-व्यवस्था को सामान्य बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी बन जाती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रशासन को प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनका पक्ष सुनना चाहिए और उन्हें सरकार की बात से अवगत कराना चाहिए। दोनों पक्षों को एक सर्वमान्य हल तक पहुंचने की कोशिश कर मामले को सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली बेहद संवेदनशील होती है। किसी भीड़ को केवल भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ नहीं संभाला जा सकता। इसके लिए बेहद मानवीय दृष्टिकोण के साथ लोगों की संवेदनाओं के साथ स्वयं को खड़े करने की आवश्यकता होती है। भीड़ के मामले को हैंडल करने के दौरान बेहद संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए। तभी इस तरह की स्थिति को संभाला जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

किरण बेदी ने कहा कि हर जगह भारी मात्रा में पुलिस बल को तैनात नहीं रखा जा सकता। इसकी एक सीमा होती है। ज्यादातर मामलों में जब तक पुलिस किसी घटना स्थल पर पहुंचती है तब तक भारी मात्रा में नुकसान पहुंचाया जा चुका होता है। इस तरह के मामले संभालने के लिए पुलिस अधिकारियों के पास इस तरह की स्थिति को संभालने का पर्याप्त अनुभव होना चाहिए। इसे सीमित पुलिस बल के साथ एक भीड़ को नियंत्रित रखने की एक मानवीय कला के रूप में समझा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि दिन-ब-दिन हमारी पुलिस व्यवस्था ज्यादा परिपक्व हो रही है। पुलिस बलों को मिलने वाला प्रशिक्षण और बदलती तकनीकी अब पुलिस की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव ला रही है। उम्मीद है कि तकनीकी के बढ़ते प्रभाव से आने वाले दिनों में इस तरह की घटनाओं को ज्यादा बेहतर ढंग से संभाला जा सकेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed