लद्दाख को मिलेगा स्वदेश दर्शन और प्रसाद योजनाओं के तहत बड़ा तोहफा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लद्दाख को जम्मू-कश्मीर के प्रशासनिक नियंत्रण से मुक्ति देने के बाद केंद्र सरकार वहां के निवासियों को पर्यटन के क्षेत्र में एक बड़ा तोहफा देने जा रही है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने लद्दाख में स्वदेश दर्शन योजना और प्रसाद योजना के तहत कम से कम एक-एक पर्यटन परियोजना विकसित करने का फैसला किया है। इसे अमली जामा कैसे पहनाया जाए, इसी की तैयारी के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल पर्यटन व संस्कृति मंत्रालय के अधिकारियों सहित इन दिनों लेह पहुंचे हुए हैं। हालांकि ये परियोजनाएं लेह में बनेंगी या कारगिल क्षेत्र में, अभी तक यह तय नहीं हो पाया है।
पर्यटन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्वदेश दर्शन और प्रसाद योजनाओं का सही फायदा अभी लद्दाख क्षेत्र को मिल नहीं पाया है। दरअसल, इस योजना के तहत परियोजना विकास का प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है।
अभी तक लद्दाख का प्रशासनिक नियंत्रण जम्मू-कश्मीर के पास था। इस कारण वहां से कश्मीर घाटी या जम्मू क्षेत्र के लिए ही परियोजनाओं के प्रस्ताव आते थे। अब लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने से वहां का प्रशासन सीधा केंद्र सरकार के हाथों में आ गया है। इसी कारण वहां पर्यटन के क्षेत्र में विकास की योजना बनाने की कवायद शुरू की गई है।
क्षेत्र की जरूरतों के आधार पर होगा फैसला
मंत्री के साथ लेह गई हुईं पर्यटन मंत्रालय की महानिदेशक मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि क्षेत्र की आवश्यकता के हिसाब से योजना का खाका खींचा जा रहा है। इस मामले में सभी हितधारकों से भी सलाह ली जा रही है।
2015 में हुई थी इन योजनाओं की शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशी और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए वर्ष 2015 में स्वदेश दर्शन एवं प्रसाद योजनाओं की शुरुआत की थी। इस योजना की निगरानी करने की जिम्मेदारी पर्यटन मंत्रालय को दी गई है। इसके तहत पर्यटन मंत्रालय तीर्थ या पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए अलग-अलग सर्किट तय कर ढांचागत सुविधाओं के साथ कनेक्टिविटी और अन्य जरूरी सुविधाओं का भी इंतजाम कराता है।
बढ़ेगा कारोबार, मिलेगा रोजगार
अधिकारियों का मानना है कि लद्दाख में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। ऐसे में मंत्रालय की योजना परवान चढ़ने पर वहां देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। इनके लिए फाइव स्टार से लेकर बजट होटल तक विकसित होंगे। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से रोजगार के अवसर भी बड़े पैमाने पर पैदा होंगे।