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लापता लेडीज पोस्टर से भाजपा का तंज: महुआ से सायोनी तक, टीएमसी की महिला नेताओं की चुप्पी पर उठे सवाल
Wed, 03 Jun 2026 10:56 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Wed, 03 Jun 2026 10:56 PM IST
सार
Laapata Ladies Poster:पश्चिम बंगाल में टीएमसी के अंदरूनी संकट के बीच भाजपा ने पार्टी की महिला नेताओं की चुप्पी पर हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने लापता लेडीज’ पोस्टर जारी कर महुआ मोइत्रा, सायोनी घोष, मेनका गुरुस्वामी और सागरिका घोष को लापता बताया।
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भाजपा ने टीएमसी की महिला नेताओं की चुप्पी पर उठाए सवाल
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी सियासी संकट के बीच भाजपा ने अब पार्टी की महिला नेताओं की गैरमौजूदगी को लेकर हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर ‘लापता लेडीज’ नाम से एक पोस्टर साझा कर टीएमसी पर तंज कसा। इस पोस्टर में टीएमसी की कई प्रमुख महिला सांसदों और नेताओं की तस्वीरें लगाई गईं और उन्हें “मिसिंग” बताया गया। भाजपा का आरोप है कि जब पार्टी संकट में है, तब टीएमसी की कई तेजतर्रार महिला चेहरे सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रहे हैं।
दूसरे पैराग्राफ में भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने अपने पोस्टर में लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा और सायोनी घोष के साथ राज्यसभा सांसद मेनका गुरुस्वामी और सागरिका घोष की तस्वीरें शामिल कीं। भाजपा ने दावा किया कि जो नेता पहले ममता बनर्जी और टीएमसी के समर्थन में लगातार आक्रामक बयान देते थे, वे अब पार्टी के मुश्किल दौर में चुप हैं। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
क्या टीएमसी की महिला नेता अचानक सार्वजनिक मंचों से गायब हो गई हैं?
भाजपा ने आरोप लगाया कि टीएमसी की कई महिला नेता चुनाव हार के बाद से सार्वजनिक बहस और राजनीतिक गतिविधियों में कम दिखाई दे रही हैं। महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष अपने तीखे बयानों और संसद में आक्रामक शैली के लिए जानी जाती हैं। वहीं अभिनेत्री और सांसद सायोनी घोष भी बंगाली, हिंदी और अंग्रेजी में बेबाक बोलने के लिए चर्चित रही हैं। भाजपा अब इन्हीं नेताओं की चुप्पी को मुद्दा बनाकर टीएमसी को घेरने की कोशिश कर रही है।
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क्या मेनका गुरुस्वामी का नाम भी राजनीतिक बहस में आ गया?
वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी का नाम भी इस पोस्टर में शामिल किया गया। वह उस समय चर्चा में आई थीं जब कलकत्ता हाईकोर्ट में एक सुनवाई के दौरान उनका वीडियो वायरल हुआ था। उस वीडियो में वह अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से तीखी बहस करती नजर आई थीं। बाद में उन्हें राज्यसभा भेजा गया था। वह भारत की पहली खुलकर क्वीयर पहचान रखने वाली सांसद भी बनीं। भाजपा ने अब उन्हें भी टीएमसी की “गायब” नेताओं की सूची में शामिल किया है।
क्या टीएमसी के अंदरूनी संकट पर भाजपा हमलावर हो गई है?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी लगातार अंदरूनी खींचतान से जूझ रही है। कई विधायक और नेता पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुलकर बयान दे रहे हैं। इसी माहौल में भाजपा लगातार टीएमसी को घेरने की रणनीति अपना रही है। भाजपा का कहना है कि जो नेता पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर हमले करते थे, वे अब अपनी ही पार्टी के संकट के समय खामोश हैं।
क्या लापता लेडीज पोस्टर सियासी संदेश देने की कोशिश है?
भाजपा ने इस पोस्टर के जरिए लोकप्रिय फिल्म 'लापता लेडीज' का राजनीतिक इस्तेमाल किया है। पार्टी का मकसद टीएमसी की अंदरूनी स्थिति और नेतृत्व संकट को उजागर करना माना जा रहा है। हालांकि टीएमसी की तरफ से इस पोस्टर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन बंगाल की राजनीति में यह पोस्टर अब नए सियासी विवाद का कारण बन गया है।
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दूसरे पैराग्राफ में भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने अपने पोस्टर में लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा और सायोनी घोष के साथ राज्यसभा सांसद मेनका गुरुस्वामी और सागरिका घोष की तस्वीरें शामिल कीं। भाजपा ने दावा किया कि जो नेता पहले ममता बनर्जी और टीएमसी के समर्थन में लगातार आक्रामक बयान देते थे, वे अब पार्टी के मुश्किल दौर में चुप हैं। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
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क्या टीएमसी की महिला नेता अचानक सार्वजनिक मंचों से गायब हो गई हैं?
भाजपा ने आरोप लगाया कि टीएमसी की कई महिला नेता चुनाव हार के बाद से सार्वजनिक बहस और राजनीतिक गतिविधियों में कम दिखाई दे रही हैं। महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष अपने तीखे बयानों और संसद में आक्रामक शैली के लिए जानी जाती हैं। वहीं अभिनेत्री और सांसद सायोनी घोष भी बंगाली, हिंदी और अंग्रेजी में बेबाक बोलने के लिए चर्चित रही हैं। भाजपा अब इन्हीं नेताओं की चुप्पी को मुद्दा बनाकर टीएमसी को घेरने की कोशिश कर रही है।
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क्या मेनका गुरुस्वामी का नाम भी राजनीतिक बहस में आ गया?
वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी का नाम भी इस पोस्टर में शामिल किया गया। वह उस समय चर्चा में आई थीं जब कलकत्ता हाईकोर्ट में एक सुनवाई के दौरान उनका वीडियो वायरल हुआ था। उस वीडियो में वह अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से तीखी बहस करती नजर आई थीं। बाद में उन्हें राज्यसभा भेजा गया था। वह भारत की पहली खुलकर क्वीयर पहचान रखने वाली सांसद भी बनीं। भाजपा ने अब उन्हें भी टीएमसी की “गायब” नेताओं की सूची में शामिल किया है।
क्या टीएमसी के अंदरूनी संकट पर भाजपा हमलावर हो गई है?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी लगातार अंदरूनी खींचतान से जूझ रही है। कई विधायक और नेता पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुलकर बयान दे रहे हैं। इसी माहौल में भाजपा लगातार टीएमसी को घेरने की रणनीति अपना रही है। भाजपा का कहना है कि जो नेता पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर हमले करते थे, वे अब अपनी ही पार्टी के संकट के समय खामोश हैं।
क्या लापता लेडीज पोस्टर सियासी संदेश देने की कोशिश है?
भाजपा ने इस पोस्टर के जरिए लोकप्रिय फिल्म 'लापता लेडीज' का राजनीतिक इस्तेमाल किया है। पार्टी का मकसद टीएमसी की अंदरूनी स्थिति और नेतृत्व संकट को उजागर करना माना जा रहा है। हालांकि टीएमसी की तरफ से इस पोस्टर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन बंगाल की राजनीति में यह पोस्टर अब नए सियासी विवाद का कारण बन गया है।