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49 दिन ताबूत में बंद रहेगी बौद्ध धर्मगुरु की देह
ब्यूरो/ अमर उजाला, बैजनाथ (कांगड़ा)
Updated Sat, 11 Mar 2017 05:23 AM IST
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पपरोला के समीप स्थित खंपागार मोनेस्ट्री टाशीजोंग के 8वें गुरु 75 वर्षीय क्यावजे डोर जोंग रिपोंछे का ताईवान में निधन हो गया है। दिवंगत रिपोंछे की पार्थिव देह को शुक्रवार सुबह 11 बजे टाशीजोंग मोनेस्ट्री पहुंचाया गया।
रिपोंछे कैंसर से पीड़ित थे और ताईवान में उनका उपचार चल रहा था। बौद्घ धर्म के अनुसार गुरु की पार्थिव देह का 49 दिन के बाद अंतिम संस्कार किए जाने की प्रथा है। 15 दिन ताईवान में देह रखे जाने के बाद अब अगले 34 दिन तक गुरु की पार्थिव देह को टाशीजोंग मोनेस्ट्री में रखा जाएगा और उसके बाद उनका अंतिम संस्कार होगा।
डोर जोंग रिपोंछे 1958 में मोनेस्ट्री के मुखिया खंमतरूल रिपोंछे के साथ तिब्बत से भारत आए थे और टाशीजोंग व गोपालपुर स्थित मोनेस्ट्री में रहते थे । मोनेस्ट्री के सचिव येसी चोगियाल ने बताया कि 34 दिन मोनेस्ट्री में गुरु की देह रखने के बाद पूरे सम्मान व रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया जाएगा
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दैवीय शक्ति से कई दिन सलामत रहती है देह
बौद्घ धर्म गुरुओं का मृत शरीर दैवीय शक्ति के फलस्वरूप इतने दिनों तक सही सलामत रहता है । मोनेस्ट्री के सचिव येशी चेगियाल के अनुसार गुरुओं में आत्मीय शक्तियां मौजूद रहती हैं जिनके कारण मृत शरीर का इतने दिनों तक क्षय नहीं होता।
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रिपोंछे कैंसर से पीड़ित थे और ताईवान में उनका उपचार चल रहा था। बौद्घ धर्म के अनुसार गुरु की पार्थिव देह का 49 दिन के बाद अंतिम संस्कार किए जाने की प्रथा है। 15 दिन ताईवान में देह रखे जाने के बाद अब अगले 34 दिन तक गुरु की पार्थिव देह को टाशीजोंग मोनेस्ट्री में रखा जाएगा और उसके बाद उनका अंतिम संस्कार होगा।
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डोर जोंग रिपोंछे 1958 में मोनेस्ट्री के मुखिया खंमतरूल रिपोंछे के साथ तिब्बत से भारत आए थे और टाशीजोंग व गोपालपुर स्थित मोनेस्ट्री में रहते थे । मोनेस्ट्री के सचिव येसी चोगियाल ने बताया कि 34 दिन मोनेस्ट्री में गुरु की देह रखने के बाद पूरे सम्मान व रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया जाएगा
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दैवीय शक्ति से कई दिन सलामत रहती है देह
बौद्घ धर्म गुरुओं का मृत शरीर दैवीय शक्ति के फलस्वरूप इतने दिनों तक सही सलामत रहता है । मोनेस्ट्री के सचिव येशी चेगियाल के अनुसार गुरुओं में आत्मीय शक्तियां मौजूद रहती हैं जिनके कारण मृत शरीर का इतने दिनों तक क्षय नहीं होता।