रेल बजट के समायोजन पर नीतीश ने साधा केंद्र पर निशाना
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बिहार के नेताओं का पसंदीदा मंत्रालयों में से एक रहा रेल मंत्रालय के बजट को आम बजट में समाहित करने के फैसले को पूर्व रेलमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अनुचित और गैरजरूरी बताया है।
पटना में पत्रकारों से बात करते हुए रेल बजट को आम बजट में शामिल किए जाने पर नीतीश खफा दिखे और उन्होंने कहा कि केंद्र को इससे कोई फायदा नहीं होगा, लेकिन आने वाले दिनों में रेलवे की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी। नीतीश ने कहा कि लोगों का रेलवे से एक भावनात्मक संबंध अब धीरे-धीरे खत्म हो जायेगा।
कश्मीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्थन देने वाले बयान पर नीतीश कुमार ने कहा कि आतंकवाद एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर पूरे देश में एकजुटता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह आरोप-प्रत्यारोप का विषय नहीं है।
'आतंक के मुद्दे पर आपसी सहमति होनी चाहिए'
नीतीश ने सभी लोगों से इस मुद्दे पर एकजुटता की अपील भी की। नीतीश ने कहा कि लोगों को इस मुद्दे पर इस तरह की बहस से भी बचना चाहिए कि कौन कैसे घुस गया, क्योंकि ऐसे आत्मघाती दस्तों को हर बार रोका नहीं जा सकता, लेकिन देश में इस मुद्दे पर आपसी सहमति होनी चाहिए।
नीतीश ने साफ किया कि कार्रवाई केंद्र सरकार को करनी है और वह जो भी कार्रवाई करेगी हम लोग साथ हैं और इस विषय पर केंद्र को जो भी रुख अख्तियार करना है उसे करना चाहिए, लेकिन पहल केंद्र सरकार को ही करनी चाहिए।