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देवी दुर्गा की मूर्ति की वजह से गंगा में डूबने से बचे तीन युवक
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Sat, 07 Oct 2017 03:20 PM IST
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दुर्गा विसर्जन
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पश्चिम बंगाल में मां दुर्गा की मूर्ति ने तीन डूबते लोगों को सहारा देकर उनकी जान बचा ली। इन लोगों के नाम मोहम्मद हासिम अली नसकर (13), रफीकुल नरसकर (25) और मोहम्मद अमन (12) है। ये तीनों कोलकाता में गंगा नदी के बहाव तेज होने पर डूब गए थे। पानी इनको बहाकर लिए जा रहा था तब ही मूर्ति के एक हिस्से ने तीनों के लिए किसी फरिश्ते का काम किया।
पुलिस ने बताया कि पानी तीनों को शहर से आठ किलोमीटर दूर तक बहाकर ले गया था। समाचारों के मुताबिक, तीनों ने लकड़ी के एक फट्टे को पकड़कर अपनी जान बचाई। यह लकड़ी का फट्टा मिट्टी की मूर्ति के नीचे लगाया जाता है। इस फट्टे को विसर्जन के वक्त पानी से निकाल लिया जाता है लेकिन वह लकड़ी का फट्टा किसी ने वहीं छोड़ दिया था।
पढ़ें: बलिया में एक बार फिर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान भड़की हिंसा
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तीनों को कोलकाता पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम ने मिलकर ढूंढा। पुलिस अफसर ने बताया कि तीनों के बह जाने की जानकारी मिलते ही सभी घाटों को अलर्ट कर दिया गया था। तीन घंटे की खोजबीन के बाद तीनों काशी मित्र घाट के पास लकड़ी के उस फट्टे से चिपके मिले। पुलिस ने कहा कि अगर तीनों उस लकड़ी के फट्टे को ना पकड़ते तो मारे जाते।
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पुलिस ने बताया कि पानी तीनों को शहर से आठ किलोमीटर दूर तक बहाकर ले गया था। समाचारों के मुताबिक, तीनों ने लकड़ी के एक फट्टे को पकड़कर अपनी जान बचाई। यह लकड़ी का फट्टा मिट्टी की मूर्ति के नीचे लगाया जाता है। इस फट्टे को विसर्जन के वक्त पानी से निकाल लिया जाता है लेकिन वह लकड़ी का फट्टा किसी ने वहीं छोड़ दिया था।
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तीनों को कोलकाता पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम ने मिलकर ढूंढा। पुलिस अफसर ने बताया कि तीनों के बह जाने की जानकारी मिलते ही सभी घाटों को अलर्ट कर दिया गया था। तीन घंटे की खोजबीन के बाद तीनों काशी मित्र घाट के पास लकड़ी के उस फट्टे से चिपके मिले। पुलिस ने कहा कि अगर तीनों उस लकड़ी के फट्टे को ना पकड़ते तो मारे जाते।