{"_id":"5c6442c9bdec2273ab6074eb","slug":"kolkata-high-court-gave-mukul-roy-relief-from-arrest-till-march-7","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुकुल राय को सात मार्च तक गिरफ्तारी से राहत, अग्रिम जमानत देने से इनकार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मुकुल राय को सात मार्च तक गिरफ्तारी से राहत, अग्रिम जमानत देने से इनकार
Wed, 13 Feb 2019 09:46 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: आसिम खान
Updated Wed, 13 Feb 2019 09:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता मुकुल राय को राहत देते हुए तृणमूल कांग्रेस विधायक सत्यजीत विश्वास की हत्या के मामले में राज्य पुलिस को सात मार्च तक उन्हें गिरफ्तार नहीं करने का निर्देश दिया। हालांकि अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अदालत ने भाजपा नेता को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति एम. मंडल की खंडपीठ ने राय की अग्रिम जमानत की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनको सात मार्च तक गिरफ्तारी से राहत देते हुए कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई पांच मार्च को होगी। खंडपीठ ने जांच या अदालती कार्यवाही में शामिल होने के अलावा राय पर अगले आदेश तक नदिया जिले में जाने पर रोक भी लगा दी।
विज्ञापन
बता दें कि शनिवार रात को नदिया जिले के कृष्णगंज के तृणमूल कांग्रेस विधायक सत्यजीत विश्वास की उनके घर के पास ही सरस्वती पूजा के एक पंडाल में अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मुकुल राय समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने इस मामले में कार्तिक मंडल और सुजीत मंडल नामक दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
उनको 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। लेकिन अभिजीत नामक असली अभियुक्त अब तक पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका है। तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने उक्त हत्या में मुकुल राय का हाथ होने का आरोप लगाया था। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद राय ने मंगलवार को हाईकोर्ट की एक खंडपीठ के समक्ष इस मामले में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। उसी पर अदालत ने उक्त फैसला सुनाया।