Kerala High Court: कंपनी के मालिक पर यौन शोषण का आरोप, पीड़िता की अपील- क्राइम ब्रांच करे मामले की जांच
कोच्चि की एक महिला ने सॉफ्टवेयर कंपनी के मालिक वेणु गोपालकृष्णन पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए केरल हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। महिला ने जांच को पक्षपाती बताते हुए इसे क्राइम ब्रांच को सौंपने की मांग की है। पीड़िता ने कहा कि पुलिस आरोपी को बचा रही है।
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कोच्चि की एक महिला ने यौन शोषण के आरोप को लेकर केरल हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की। इसमें महिला ने सॉफ्टवेयर कंपनी के मालिक वेणु गोपालकृष्णन पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। साथ ही कोर्ट से अपील की है कि इस मामले की जांच अपराध शाखा को सौंपी जाए। महिला का आरोप है कि कोच्चि सिटी पुलिस की जांच पक्षपाती है और आरोपी को बचाने की कोशिश की जा रही है।
याचिका में कहा गया है कि शुरुआत से ही जांच ढीली, पक्षपाती और शत्रुतापूर्ण रही है, जिससे साफ होता है कि आरोपी को बचाने का प्रयास हो रहा है। बता दें कि कंपनी के मालिक गोपालकृष्णन वही व्यक्ति हैं जिन्होंने अपनी लैंबॉर्गिनी उरुस कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के लिए ₹45.99 लाख खर्च किए थे।
मामला अपराध शाखा को सौंपने की मांग
अब पीड़िता ने हाई कोर्ट से दोनों मामलों (एर्नाकुलम सेंट्रल और इंफोपार्क पुलिस स्टेशन में दर्ज) को क्राइम ब्रांच को सौंपने की अपील की है ताकि निष्पक्ष, एकीकृत और समयबद्ध जांच हो सके। हाईकोर्ट इस याचिका पर चार अक्तूबर को सुनवाई करेगा।
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क्या है पूरा मामला, समझिए
गौरतलब है कि ये पूरा मामला मामला जुलाई का है जब पीड़िता और उसके पति को हनीट्रैप की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। महिला आरोपी की कंपनी में काम करती थी। बाद में दोनों को जमानत मिल गई, और महिला ने अदालत में झूठे आरोप में फंसाने की शिकायत दर्ज कराई।
इसके बाद पिछले महीने वेणु गोपालकृष्णन और उनकी कंपनी के तीन कर्मचारियों जैकब थंपी, एबी पॉल और बिमलराज हरीदास के खिलाफ यौन शोषण, महिलाओं की गरिमा भंग करने और धमकी देने के आरोप में नया मामला दर्ज किया गया।
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हालांकि 11 सितंबर को केरल हाई कोर्ट ने गोपालकृष्णन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने पुलिस जांच में गंभीर खामियों की ओर भी इशारा किया, जैसे एफआईआर में अहम बातें छोड़ देना, पीड़िता का बयान देर से दर्ज करना और उसका मोबाइल हफ्तों तक बिना वैध जब्ती प्रक्रिया के रखना।