{"_id":"5cf63a8fbdec2206ff5a7913","slug":"know-these-unknown-things-about-world-environment-day-2019","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"World Environment Day 2019: इस दिन से जुड़ी ये खास बातें नहीं जानते होंगे आप","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
World Environment Day 2019: इस दिन से जुड़ी ये खास बातें नहीं जानते होंगे आप
Tue, 04 Jun 2019 03:18 PM IST
शिल्पा ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिल्पा ठाकुर
Updated Tue, 04 Jun 2019 03:18 PM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : File Photo
World Environment Day 2019 - विश्व पर्यावरण दिवस से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं जो शायद आप नहीं जानते होंगे। इसे मनाने का लक्ष्य तो सबको पता है लेकिन प्रति वर्ष इसमें क्या कुछ खास होता है और इससे क्या अनोखी बातें जुड़ी हैं ये बहुत कम लोग ही जानते होंगे। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं ऐसी ही कुछ खास बातें....
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
World Environment Day 2019 - विश्व पर्यावरण दिवस से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं जो शायद आप नहीं जानते होंगे। इसे मनाने का लक्ष्य तो सबको पता है लेकिन प्रति वर्ष इसमें क्या कुछ खास होता है और इससे क्या अनोखी बातें जुड़ी हैं ये बहुत कम लोग ही जानते होंगे। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं ऐसी ही कुछ खास बातें....
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : File Photo
पूरी दुनिया में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का लक्ष्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण और उसकी सुरक्षा के प्रति जागरुक करना होता है। इस दिन को मनाने की घोषणा साल 1972 में संयुक्त राष्ट्र ने की थी। जिसके बाद पहली बार 5 जून 1974 को विश्व प्रयावरण दिवस मनाया गया।
भारत की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमति इंदिरा गांधी
- फोटो : File Photo
भारत की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमति इंदिरा गांधी ने साल 1974 की गोष्ठी में 'पर्यावरण की बिगड़ती स्थिति एवं उसका विश्व के भविष्य पर प्रभाव' विषय पर व्याख्यान दिया था। पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में यह भारत का पहला कदम था। तभी से हम हर साल 5 जून को से दिन मनाते आ रहे हैं।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
इस दिन पूरी दुनिया में सबसे अधिक पौधारोपण होता है। इसके पीछे का एक कारण ये भी है कि बाकी दिन लोग अपने कार्यों में व्यस्त रहते हैं लेकिन इस दिन विभिन्न संस्थानों, स्कूलों आदि जिनमें पर्यावरण से संबंधित संस्थान मुख्य भूमिका निभाते हैं, इनके द्वारा कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। जिसमें बड़ी संख्या में लोग भाग लेते हैं और पौधे लगाने में अपना योदगान देते हैं।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : File Photo
आज के समय में जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, मृदा प्रदूषण, तापीय प्रदूषण, विकरणीय प्रदूषण, औद्योगिक प्रदूषण, समुद्रीय प्रदूषण, रेडियोधर्मी प्रदूषण, नगरीय प्रदूषण, प्रदूषित नदियां, जलवायु बदलाव, और ग्लोबल वार्मिंग का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसी हालत में हमें इतिहास की चेतावनी ही पर्यावरण दिवस का संदेश देती है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : File photo
पर्यावरण से संबंधित अधिनियम 19 नवंबर 1986 में लागू हुआ था। इसमें जल, भूमि और वायु तीनों से संबंधित कारक जैसे मानव, पौधों, सूक्ष्म जीव, अन्य जीवित पदार्थ आदि पर्यावरण के अंतर्गत आते हैं।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : File Pic
इस दिवस की सबसे खास बात ये है कि इसमें हर साल एक नया थीम होता है। जैसे इस बार का थीम वायु प्रदूषण रखा गया है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : File Photo
समुद्र के आस पास प्लास्टिक का सामान और प्लास्टिक बैग आदि फेंकने से प्रति वर्ष 10 लाख जलीय जीवों की मृत्यु हो जाती है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : File Photo
एक सर्वे में आए आंकड़ों के मुताबिक रोजाना 27,000 पेड़ कटते हैं जिसके बाद दुनिया मेंं टॉयलेट पेपर की आपूर्ति की जाती है।
world environment day
यही एक ऐसा दिन है जिसमें लोग पर्यावरण के बारे में सोचते हैं। यही दिन हमें उज्जवल भविष्य के लिए एक नए सवेरे की आशा देता है। तो प्लास्टिक का प्रयोग कम से कम करें और अधिक से अधिक पेड़ लगाएं ताकि इस बार की ये थीम सार्थक बन सके। यदि आप आज पौधे लगाएंगे तभी काल सांस ले पाएंगे। यही है इस खास दिन का उद्देश्य।