फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Know, how this society is doing black money into white

जानिए, यह सोसायटी किस तरह कालेधन को कर रही सफेद

Tue, 23 May 2017 04:00 PM IST
amarujala.com- Presented by: शरद मिश्र
amarujala.com- Presented by: शरद मिश्र Updated Tue, 23 May 2017 04:00 PM IST
विज्ञापन
Know, how this society is doing black money into white
नोटबंदी के बाद कालेधन को सफेद करने के लिए हर तरह की कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में महाराष्ट्र की रेनूकामता क्रेडिट सोसायटी ने जो तरीका खोजा है उसे आप कानून के तहत चुनौती भी नहीं दे सकते हैं। मुंबई के कलबादेवी के भीड़ भरे इलाके में एक साधारण से भवन के कुछ कमरों में रेनूकामता क्रेडिट सोसायटी का आफिस चलता है। छोटे व्यापारियों और थोक आढ़तियों के बीच इस सोसायटी को बहुत कम लोग ही जानते होंगे। लेकिन इस सोसायटी में  करीब 2000 करोड़ रुपए का लेन देन होता है। 
विज्ञापन


यह सोसायटी किसी से भी सदस्य बनने के बाद कितनी भी नकदी जमा करने को ले लेती है और उसे किसी अन्य दूसरे शहर में जमाकर्ता के कहे अनुसार किसी दूसरे के खाते में ट्रांसफर कर देती है। सोसायटी ऐसा नो क्वेश्चन पॉलिसी के तहत करती है। ऐसा करते हुए किसी भी तरह के कानूनी नियम का उल्लंघन भी नहीं टूटता। यूं कहें कि यह लेन देन की ऐसी दुनिया है जो डेमो और डिजिटल मनी से काफी दूर है। 
विज्ञापन


सोसायटी की देश के विभिन्न शहरों में 100 से अधिक शाखाएं हैं। इनकम टैक्स इंटेलीजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट मुंबई की जांच के अनुसार सोसायटी में कुछ ऐसे खाते हैं जिसमें करोड़ों की राशि जमा कराई गई और तुरंत ही निकाल ली गई। इसमें खाताधारक झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले अनपढ़ लोग हैं। जो हस्ताक्षर नहीं कर पाते हैं और न अपना नाम लिख पाते हैं। अंगूठे से ठप्पा लगाकर हस्ताक्षर करते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सबसे अहम तथ्य यह है कि जांच में अभी तक पता नहीं चला है कि यह खाताधारक कौन हैं। इनकम टैक्स की आईटी डिपार्टमेंट ने हालांकि इस तरह के लेन देन की जानकारी प्रवर्तन ‌निदेशालय को दी है।‌ जिसके पास पैसों के अवैध लेन देन पर कार्रवाई कर वास्तविक जमाकर्ता का पता लगाने का अधिकार है।  सोसायटी की प्रक्रिया को देखते हुए कहा जा सकता है कि जांच एजेंसियों के लिए इस तरह के हवाला का पता लगाना एक टेढ़ी खीर होगा। 
 

बिचौलियों के द्वारा लोग करवा रहे है काम

Know, how this society is doing black money into white
चार्टड एकांउटेंट और मुद्रा विनिमय के जानकारों का कहना है कि खाताधारक को इस प्रक्रिया में पता नहीं होता कि उसके खाते में कितनी रकम जमा और निकाली जा रही है। संभावना है कि इसमें बिचौलियों की भूमिका हो सकती हैं। जो महज ढाई तीन हजार रुपए इन्हें देकर इन्हें अपने नाम पर खाते खुलवाने को राजी कर लेते हैं। यह लोग अनपढ़ हैं तथा इनमें से अधिकांश धरावी और क्राफर्ड मार्केट के रहने वालें है। यह बिना जाने समझे खाता खोलने संबंधी फार्म तथा जमा और निकासी फार्म पर हस्ताक्षर कर देते हैं। इस चेन में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। इन्हें आप बेनामी नहीं कह सकते क्योंकि यह बकायदा केवायसी फार्म भरते हैं। ये लोग यह भी मानते हैं कि खाता उनका ही है। मुंबई और सूरत से अन्य शहरों में हीरे और नकदी की कूरियर का कार्य करने वाले एक अगड़ियां ने भी कुछ अहम जानकारी दी है। सोसायटी में पैसों के लेन देन में एक तरह से अगड़ियां बहुत मुख्य भूमिका निभाते हैं। 

सोसायटी नकद और जमा अपने एकांउट में कॉमर्शियल बैंक के ज‌रिए स्वीकार करती है और जमाकर्ता के कहे अनुसार विभिन्न लोगों के नाम चेक जारी करती है। चेक स्वीकार करने वाले किसी अन्य शहर के भी हो सकते हैं। महाराष्ट्र के अलावा सोसायटी के चेन्‍नई और हैदराबाद में भी आफिस हैं। इस संबंध में पूछताछ करने पर सोसायटी के चेयरमैन प्रशांत भालेराव ने कहा कि हम मल्टी स्‍टेट सोसायटी एक्ट 2002 के तहत पंजीबद्ध हैं। नियमों के अनुसार सदस्यों को जो भी सेवा देने की अनुमति है, हम उसे उपलब्‍ध कराते हैं। जो हमारी सेवा चाहता है वह हमारी शर्तों को मानने के लिए बाध्य है। हस्ताक्षर और अंगूठे के ठप्पे के साथ उसे सदस्यता फार्म भरना पड़ता है। फोटो आईडी, निवास प्रमाण, फोटोग्राफ और प्रवेश शुल्क भी जमा कराना पड़ता है। हम इनकम टैक्स विभाग के पास एनुअल इंफार्मेशन रिटर्न भी फाइल करते हैं। जब हम इस तरह का लेन देन नियमों के तहत कर रहे है तो कोई यह कैसे कह सकता है कि हम लेन देने में गड़बड़ करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed