फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   ATM poor, bad news of banks

एटीएम कंगाल, बैंकों का बुरा हाल

Mon, 22 May 2017 10:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Mon, 22 May 2017 10:39 PM IST
विज्ञापन
ATM poor, bad news of banks
एटीएम - फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। बुद्धभूमि के बैंक और एटीएम कंगाल हो गए हैं। कैश की उपलब्धता न होने से हर तरफ हाहाकार है। साइबर अटैक के चलते ऑनलाइन ट्रांजेक्शन भी सिमट गया है। ऐसे में कैश के लिए लोगों की दिक्कतें बढ़ रही हैं। सोमवार को किसी भी एटीएम के ताले नहीं खुल सके। एचडीएफसी का एटीएम बंद होने के बावजूद ग्राहक कतार लगाकर इस उम्मीद में खड़े रहे कि नोटबंदी में साथ देने वाला यह एटीएम शायद खुल जाए, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें मायूस लौटना पड़ा। लगन के दौर में कैश की इस किल्लत ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। यह किल्लत कब तक दूर हो पाएगी, कोई भी स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा।
विज्ञापन

नोटबंदी के बाद उपजी कैश की किल्लत जनवरी के बाद कुछ हद तक नियंत्रित हो गई थी। लोगों को जरूरत के मुताबिक नकदी मिलने लगी तो इत्मीनान हुआ था कि अब दोबारा ऐसी स्थिति नहीं होगी। चंद माह में ही पहले से भी बुरे हालात हो गए हैं। बैंकों में कैश गायब हैं। एटीएम भी लगातार खाली चल रहे हैं। एचडीएफसी का एटीएम अब तक लोगों की जरूरत पूरी करता रहा है, लेकिन सोमवार को इसने भी साथ छोड़ दिया। जिले में विभिन्न बैंकों की करीब 136 शाखाएं हैं। पचास से अधिक एटीएम लगे हैं। इन्हें सुचारु रूप से चलाने के लिए हर रोज 9-10 करोड़ रुपये की जरूरत रहती है, जबकि पिछले एक सप्ताह में सिर्फ 10 करोड़ रुपये ही प्राप्त हो पाए हैं। नतीजा हर शाखा में कैश की किल्लत बनी हुई है। एटीएम के ताले भी नहीं खुल पा रहे। 
विज्ञापन

लीड बैंक अधिकारी कल्पनाथ अनुरागी के मुताबिक कई बार पत्राचार के बाद शुक्रवार को 10 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। चार करोड़ रुपये मुख्यालय के करेंसी चेस्ट में रखकर 3-3 करोड़ रुपये बांसी व डुमरियागंज को भेज दिए गए। इसके बाद से कैश नहीं मिल पाया है। इसी व्यवस्था से जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। आरबीआई को पत्र भेजा गया है। सांसद को भी अवगत कराया गया है। विशेष पैरवी कर जिले में कैश की किल्लत दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed