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'अरुणाचल में चीनी सैनिकों ने दो बार किया अतिक्रमण'
एजेंसी/पासीघाट
Updated Sat, 20 Aug 2016 08:02 AM IST
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किरण रिजिजू
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केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को कहा कि हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में दो बार चीनी सेना द्वारा अतिक्रमण किए जाने की खबर है। यहां पासीघाट एडवांस लैंडिंग ग्राउंड (एएलजी) का उद्घाटन करने के बाद मंत्री ने कहा कि पहली घटना 22 जुलाई को सुदूर एंजाव जिले के किबिथू में हुई जबकि दूसरा अतिक्रमण भी जुलाई में ही तवांग जिले के थंगसा में हुआ।
रिजिजू ने कहा, ‘हम इसे घुसपैठ नहीं कह सकते बल्कि यह अतिक्रमण था क्योंकि चीनी सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगते क्षेत्र में आ गई थी।’ उन्होंने कहा कि जब किबिथू से आईटीबीपी ने इस मामले की खबर भेजी तब केंद्र ने उसका सत्यापन किया और पाया कि यह बस अतिक्रमण की घटना है। जब उनसे सीमापार के चीन के बुनियादी ढांचे के जैसा ढांचा खड़ा करने के सरकार के प्रयास के बारे में पूछा गया तो केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र पहले ही बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का काम शुरू कर दिया है और पासीघाट में एएलजी उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
रिजिजू ने कहा, ‘हम अपनी सीमा पर के बुनियादी ढांचों को मजबूत कर किसी देश को चुनौती या उसके साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहे हैं। हमें अपनी रक्षा को मजबूत करने के लिए जबर्दस्त बुनियादी ढांचा खड़ा करना होगा और हमने जो कुछ किया है वह इसलिए है क्योंकि भारत क्षमता के साथ उभरती ताकत है। अतएव वायुसेना के पास सीमावर्ती राज्यों में संचालनात्मक आधार होना चाहिए।’
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रिजिजू ने कहा, ‘हम इसे घुसपैठ नहीं कह सकते बल्कि यह अतिक्रमण था क्योंकि चीनी सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगते क्षेत्र में आ गई थी।’ उन्होंने कहा कि जब किबिथू से आईटीबीपी ने इस मामले की खबर भेजी तब केंद्र ने उसका सत्यापन किया और पाया कि यह बस अतिक्रमण की घटना है। जब उनसे सीमापार के चीन के बुनियादी ढांचे के जैसा ढांचा खड़ा करने के सरकार के प्रयास के बारे में पूछा गया तो केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र पहले ही बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का काम शुरू कर दिया है और पासीघाट में एएलजी उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
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रिजिजू ने कहा, ‘हम अपनी सीमा पर के बुनियादी ढांचों को मजबूत कर किसी देश को चुनौती या उसके साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहे हैं। हमें अपनी रक्षा को मजबूत करने के लिए जबर्दस्त बुनियादी ढांचा खड़ा करना होगा और हमने जो कुछ किया है वह इसलिए है क्योंकि भारत क्षमता के साथ उभरती ताकत है। अतएव वायुसेना के पास सीमावर्ती राज्यों में संचालनात्मक आधार होना चाहिए।’
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म्यांमार से विद्रोही संगठनों के खिलाफ कार्रवाई को कहा
रिजिजू
रिजिजू ने कहा कि भारत ने म्यांमार से उनके देश में आश्रय लिए हुए विद्रोही संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की खबरें है कि पूर्वोत्तर के विद्रोही संगठनों के कई नेता म्यांमार में छुपे हैं। रिजिजू ने बताया कि हम लगातार वहां कि सरकार से बात कर रहे हैं और इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
पासीघाट। पासीघाट में शुक्रवार को देश को समर्पित एडवांस लैंडिंग ग्राउंड (एएलजी) से अब बड़े लड़ाकू विमान समेत हर तरह के एयरक्राफ्ट उड़ान भर सकेंगे। चीन सीमा पर देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है। रिजिजू कहा कि एलएलजी में हर तरह के विमान और हेलिकॉप्टर ऑपरेट कर सकेंगे। एएलजी के चालू होने के बाद सेना, अर्धसैनिक बलों और साथ ही अरुणाचल प्रदेश के नागरिकों को भी सुविधा होगी। प्रदेश के नागरिक अब देश के दूसरे भागों से एयर कनेक्टिवटी के जरिये जुड़ सकेंगे।
पासीघाट। पासीघाट में शुक्रवार को देश को समर्पित एडवांस लैंडिंग ग्राउंड (एएलजी) से अब बड़े लड़ाकू विमान समेत हर तरह के एयरक्राफ्ट उड़ान भर सकेंगे। चीन सीमा पर देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है। रिजिजू कहा कि एलएलजी में हर तरह के विमान और हेलिकॉप्टर ऑपरेट कर सकेंगे। एएलजी के चालू होने के बाद सेना, अर्धसैनिक बलों और साथ ही अरुणाचल प्रदेश के नागरिकों को भी सुविधा होगी। प्रदेश के नागरिक अब देश के दूसरे भागों से एयर कनेक्टिवटी के जरिये जुड़ सकेंगे।