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Rajya Sabha: सरकार को रिक्तियों के लिए कॉलेजियम की सिफारिशें अब तक नहीं मिलीं, कानून मंत्री ने दी जानकारी

Thu, 16 Mar 2023 06:56 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 16 Mar 2023 06:56 PM IST
सार

कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि 10 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में कोई पद खाली नहीं था। 25 उच्च न्यायालयों में 1,114 न्यायाधीशों की स्वीकृत है जिसमें 780 न्यायाधीश काम कर रहे थे जिसमें 334 की कमी है। 

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Kiren  Rijiju said government yet to receive recommendations by HC collegiums for 216 vacancies of judges
कानून मंत्री किरण रिजिजू - फोटो : Twitter

विस्तार

कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में बताया कि विभिन्न उच्च न्यायालयों में 334 रिक्तियों के लिए हाईकोर्ट कॉलेजियम द्वारा की गई 118 सिफारिशें चरणों में हैं, जबकि सरकार को अभी तक न्यायाधीशों की 216 रिक्तियों के लिए सिफारिशें प्राप्त नहीं हुई हैं। लिखित जवाब में उन्होंने कहा कि 10 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में कोई पद खाली नहीं था। 25 उच्च न्यायालयों में 1,114 न्यायाधीशों की स्वीकृत है जिसमें 780 न्यायाधीश काम कर रहे थे जिसमें 334 की कमी है। 

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उन्होंने कहा कि वर्तमान में उच्च न्यायालय द्वारा अनुशंसित कुल 118 प्रस्ताव हैं। आगे कहा कि उच्च न्यायालयों में रिक्तियों को भरना एक सतत, एकीकृत और सहयोगात्मक प्रक्रिया है जिसके लिए विभिन्न संवैधानिक प्राधिकरणों से परामर्श और अनुमोदन की आवश्यकता होती है, सेवानिवृत्ति, इस्तीफे या शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की पदोन्नति के कारण रिक्तियां उत्पन्न होती रहती हैं। 
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किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार समयबद्ध तरीके से रिक्तियों को तेजी से भरने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों से अनुरोध करती रही है कि नियुक्ति के लिए प्रस्ताव भेजते समय अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यकों के उपयुक्त उम्मीदवारों पर उचित विचार किया जाए साथ ही और महिलाओं पर भी विचार किया जाए। 
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कानून मंत्री ने आगे कहा कि पूरे देश में न्याय के बेहतर प्रशासन को बढ़ावा देने के लिए सभी तबादले जनहित में किए जाने चाहिए। एक उच्च न्यायालय से दूसरे उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के स्थानांतरण के लिए प्रक्रिया ज्ञापन (एमओपी) में कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। 


बता दें कि एमओपी दस्तावेजों का एक समूह है जो सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के स्थानांतरण, पदोन्नति और नियुक्ति का मार्गदर्शन करता है।

एमओपी के अनुसार, उच्च न्यायालय के कॉलेजियम कानून मंत्रालय में न्याय विभाग को सिफारिशें भेजते हैं। विभाग फिर केंद्र सरकार को अंतिम सिफारिश करने के लिए उम्मीदवारों के बारे में आईबी रिपोर्ट के साथ एससी कॉलेजियम को सिफारिशें भेजता है।

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