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किरण बेदी ने वापस लिया ‘शौचालय नहीं तो मुफ्त चावल नहीं’ का विवादित आदेश, कांग्रेस ने कहा था तानाशाही

Mon, 30 Apr 2018 03:38 AM IST
एजेंसी, पुडुचेरी 
एजेंसी, पुडुचेरी  Updated Mon, 30 Apr 2018 03:38 AM IST
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Kiran Bedi recall no toilets no free rice order after massive controversy

केंद्र शासित राज्य पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी ने ‘शौचालय नहीं तो मुफ्त चावल नहीं’ का आदेश विवाद बढ़ने के बाद वापस ले लिया। उन्होंने आदेश में कहा था कि जिन गांवों में लोग खुले में शौच करेंगे और कूड़ा फेकेंगे, उन्हें अगले महीने से मुफ्त चावल नहीं दिया जाएगा। बेदी के इस फैसले को कांग्रेस ने तानाशाही करार दिया। 

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बेदी ने कहा था कि ग्रामीण इलाकों में नेता सरकार से बेहतर सुविधाएं मांगते हैं, लेकिन स्वच्छ भारत कार्यक्रम के तहत अभियानों में उत्साह नहीं दिखाते हैं। 
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एक कार्यक्रम में ग्रामीणों को फटकारते हुए किरण बेदी ने कहा कि अस्पताल मशीन चाहता है, आप मुफ्त चावल चाहते हैं, वृद्घा पेंशन चाहते हैं, विधवा पेंशन चाहते हैं। आप सब चाहते हैं, लेकिन अपने गांव को स्वच्छ नहीं रख सकते। बेदी ने कहा कि आपके पास एक महीना है। ये सब तभी मिलेगा जब आपका गांव स्वच्छ होगा। 
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किरण बेदी ने मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी को पत्र लिखकर बताया कि उन्होंने सभी नागरिक आपूर्ति आयुक्तों को आदेश दिया है कि वे 31 मई तक सभी गांवों को स्वच्छ बनाने का नोटिस जारी करें। 


इसके बाद कांग्रेस ने बेदी की आलोचना करने के साथ ही पीएम मोदी से सवाल किया कि क्या इस आदेश में उनकी मंजूरी है? बढ़ती आलोचना को देखते हुए किरण बेदी ने रविवार शाम पत्र जारी कर आदेश वापस ले लिया। 

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