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खुर्जा की पॉटरी रियो ओलंपिक में लगा रही चार चांद
आशीष मणि त्रिपाठी/ खुर्जा
Updated Thu, 18 Aug 2016 12:34 PM IST
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खुर्जा
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ब्राजील के शहर रियो डी जेनेरिया में चल रहे ओलंपिक खेलों में खुर्जा की पॉटरी चार चांद लगा रही है। ओलंपिक में पॉटरी नगरी के नाम से विख्यात खुर्जा में बने बने कॉफी मग, मिल्क मग और बॉउल की डिमांड बढ़ गई है। हाल ही में हुई चार कंटेनर माल की डिलीवरी से पॉटरी उद्यमी उत्साहित हैं। खुर्जा की पॉटरी की मांग बढ़ने का एक कारण यह भी है कि ब्राजील सरकार ने चीनी सिरेमिक पर 200 गुना एंटी डंपिंग टैक्स लगा दिया है। इस वजह से सस्ता होने के कारण भारतीय मगों का इस्तेमाल ओलंपिक खेलों में धड़ल्ले से हो रहा है।
ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने पहुंचे देशी-विदेशी खिलाड़ियों और दर्शकों की मेहमानवाजी खुर्जा की पॉटरी से हो रही है। पॉटरी उद्यमी दर्शन छतवाल ने बताया कि ओलंपिक खिलाड़ी कॉफी, मिल्क के लिए इंडियन मग और बाऊॅल का इस्तेमाल कर रहे हैं। लगातार डिमांड बढ़ने पर यहां से कुछ दिनों के भीतर तीन से चार कंटेनर सिरेमिक उत्पादों को ब्राजील के लिए निर्यात किया गया है।
एक कंटेनर में लगभग 80 हजार मग और बीस हजार बॉऊल होते हैं। उन्होंने बताया कि ब्राजीली बाजार में लागत से कम कीमत पर माल बेचने की एवज में वहां की सरकार ने चीनी सिरेमिक उत्पादों पर 200 गुना एंटी डंपिंग टैक्स लगाया हुआ है। दरअसल चीन में जो सिरेमिक उत्पाद 15 रुपये कीमत में तैयार हो रहा है, उसको ब्राजीली बाजार में दस रुपये का बेचा जा रहा है। इससे ब्राजील सरकार को घरेलू कंपनियों के दीवालिया होने का खतरा पैदा हो गया। इस वजह से ब्राजील सरकार ने चीनी सिरेमिक उत्पादों पर 200 गुना एंटी डंपिंग टैक्स लगाया है।
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दर्शन छतवाल ने बताया कि अब जो चीनी सिरेमिक माल दस रुपये में बाजार में बिकेगा टैक्स लगने के बाद उसकी कीमत 30 रुपये हो जाएगी। जबकि दूसरी ओर इंडियन सिरेमिक उत्पादों की कीमत टैक्स लगने के बाद भी मात्र 13 रुपये प्रति मग की है। वहीं इंडियन उत्पाद आकर्षक होने की वजह से भी लोगों को भी ब्राजील के बाजार में लुभा रहे हैं। ओलंपिक खेलों में खुर्जा की पॉटरी खिलाड़ियों की पसंद बन गई है। ओलंपिक खेलों के कारण खुर्जा पॉटरी उद्योग का कारोबार काफी बढ़ गया है।
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ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने पहुंचे देशी-विदेशी खिलाड़ियों और दर्शकों की मेहमानवाजी खुर्जा की पॉटरी से हो रही है। पॉटरी उद्यमी दर्शन छतवाल ने बताया कि ओलंपिक खिलाड़ी कॉफी, मिल्क के लिए इंडियन मग और बाऊॅल का इस्तेमाल कर रहे हैं। लगातार डिमांड बढ़ने पर यहां से कुछ दिनों के भीतर तीन से चार कंटेनर सिरेमिक उत्पादों को ब्राजील के लिए निर्यात किया गया है।
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एक कंटेनर में लगभग 80 हजार मग और बीस हजार बॉऊल होते हैं। उन्होंने बताया कि ब्राजीली बाजार में लागत से कम कीमत पर माल बेचने की एवज में वहां की सरकार ने चीनी सिरेमिक उत्पादों पर 200 गुना एंटी डंपिंग टैक्स लगाया हुआ है। दरअसल चीन में जो सिरेमिक उत्पाद 15 रुपये कीमत में तैयार हो रहा है, उसको ब्राजीली बाजार में दस रुपये का बेचा जा रहा है। इससे ब्राजील सरकार को घरेलू कंपनियों के दीवालिया होने का खतरा पैदा हो गया। इस वजह से ब्राजील सरकार ने चीनी सिरेमिक उत्पादों पर 200 गुना एंटी डंपिंग टैक्स लगाया है।
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दर्शन छतवाल ने बताया कि अब जो चीनी सिरेमिक माल दस रुपये में बाजार में बिकेगा टैक्स लगने के बाद उसकी कीमत 30 रुपये हो जाएगी। जबकि दूसरी ओर इंडियन सिरेमिक उत्पादों की कीमत टैक्स लगने के बाद भी मात्र 13 रुपये प्रति मग की है। वहीं इंडियन उत्पाद आकर्षक होने की वजह से भी लोगों को भी ब्राजील के बाजार में लुभा रहे हैं। ओलंपिक खेलों में खुर्जा की पॉटरी खिलाड़ियों की पसंद बन गई है। ओलंपिक खेलों के कारण खुर्जा पॉटरी उद्योग का कारोबार काफी बढ़ गया है।