'किरेन रिजिजू सिर्फ मोहरा': खरगे ने पीएम मोदी पर कसा तंज, कहा- विपक्ष के सवालों का खुद क्यों नहीं देते जवाब?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने परिसीमन संशोधन विधेयक को लेकर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को सरकार का मोहरा बताते हुए विपक्ष के अपमान का आरोप लगाया। खरगे ने चेतावनी दी कि सरकार की मनमानी और कथित तानाशाही का जवाब जनता देगी।
विस्तार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को भाजपा पर निशाना साधा। दरअसल, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने परिसीमन संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग को लेकर खरगे को पत्र लिखा था। इस पर ही खरगे ने कहा कि किरेन रिजिजू को उतना ताकत नहीं दी गई है। उनका इस्तेमाल सिर्फ एक मोहरे की तरह किया जा रहा है।
खरगे ने क्या कहा?
पत्रकारों से बातचीत करते हुए खरगे ने कहा,'उन्हें (किरेन रिजिजू को) उतनी ताकत नहीं दी गई है। उनका इस्तेमाल सिर्फ एक मोहरे की तरह किया जा रहा है, ठीक वैसे ही जैसे वे ज्ञानेश कुमार का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी तरह, वे रिजिजू का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। वे (प्रधानमंत्री मोदी) खुद किसी को जवाब नहीं देते। हम उन्हें पत्र लिखते हैं, और वे किसी और से उसका जवाब तैयार करवाते हैं। इसका क्या मतलब है? वे विपक्ष के नेताओं का अपमान कर रहे हैं।'
खरगे ने आगे कहा, 'वे सभी विपक्षी दलों का अपमान कर रहे हैं। और वे (प्रधानमंत्री) जवाब क्यों नहीं देते? आपको जवाब देना चाहिए। हम जो कहते हैं, उस पर आपको ध्यान देना चाहिए। क्या आप कानून से ऊपर हैं? क्या आप संविधान से ऊपर हैं? आप 543 सांसदों में से एक हैं, और उनमें आप नंबर एक पर हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप जो चाहें, वह कर सकते हैं।'
'इस देश की जनता चुप नहीं बैठेगी'
इसके बाद वे कहते हैं कि अगर आपने मन बना ही लिया है कि आप मनमानी करेंगे और तानाशाही दिखाएंगे, तो इस देश की जनता चुप नहीं बैठेगी। वे आपको सत्ता से हटा देंगे और आपकी विचारधारा को ही जड़ से खत्म कर देंगे। आज दशहरा है, जो एक बहुत महत्वपूर्ण दिन है। मैं साफ-साफ कह देना चाहता हूं। अगर उन्होंने ये हथकंडे नहीं छोड़े और अब तक की गई गलतियों को नहीं सुधारा, तो जनता पक्का उन्हें सजा दिलाएगी।
खरगे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर क्या मांग की थी?
रिजिजू ने अपने पत्र में बताया कि खरगे ने 16 अक्तूबर 2026 को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर परिसीमन संशोधन विधेयक को संसद में विचार के लिए लाए जाने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी। इसके जवाब में रिजिजू ने सरकार की ओर से विपक्ष के साथ हुई बातचीत और पत्राचार का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार इस विधेयक पर विपक्ष का समर्थन और सहयोग मांगती रही है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार संसद में चर्चा और विचार-विमर्श के लिए तैयार है।
सरकार से मणिपुर को लेकर पूछा सवाल
इसके साथ खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से तीन सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि आखिर और कितने बेगुनाह लोगों की जान जाने के बाद वे कोई कदम उठाएंगे? खरगे ने एक्स पर लिखा, 'भाजपा की अक्षमता के कारण मणिपुर फिर से खून से लथपथ है! हिंसा की ताजा घटनाओं में चार बेगुनाह नागरिकों की बेरहमी से हत्या की गई है, जो बेहद निंदनीय है। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।' उन्होंने बताया कि मई 2023 से अब तक 300 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 24,530 लोग बेहद दयनीय हालत में राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।