खड़गे का सरकार पर हमला,कहा- मोदी भाषण बहुत अच्छा देते हैं मगर इससे पेट नहीं भरता
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पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के साये में हो रहे संसद के बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सियासी तल्खी अपने चरम पर दिखी। सरकार ने जहां इस दौरान सर्जिकल स्ट्राइक, उच्च विकास दर पर अपनी पीठ थपथपाते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। वहीं विपक्ष ने सरकार को भाषण वीर बताया।
कांग्रेस संसदीय दल नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने तो यहां तक कहा कि आजादी से पहले और इसके बाद भी कांग्रेस से जुड़े लोगों का देश के लिए बलिदान देने की एक लंबी परंपरा रही है। आजादी के बाद देश के लिए इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने अपना बलिदान दिया। मगर आपके यहां तो इसके नाम पर एक कुत्ता तक नहीं मरा। खडग़े के इस बयान पर जम कर हंगामा हुआ।
खड़गे ने इससे पूर्व सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा के एक एक दावों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी राजनीति की। लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री एक साल के अंदर गुजरात में बुलेट ट्रेन चलाने की बात करते थे। अब ढाई साल हो गए। बुलेट ट्रेन आने के बदले रेलवे में दुर्घटनाओं का अंबार लग गया है।
खड़गे ने कहा कि समस्या यह है कि यह सरकार भाषण बहुत अच्छा देती है। मगर सरकार को समझना होगा कि भाषण से पेट नहीं भरता। इसी दौरान खड़गे ने सरकार के नोट बंदी के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार क्यों नहीं बता रही कि इस फैसले से कोई कालाधन सामने नहीं आया। इसके उलट 125 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
उन्होंने मोदी सरकार और भाजपा पर बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। खड़गे ने कहा कि आप चाहते हैं देश के लोग बंट जाएं। भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करने और चुनाव लाभ हासिल करने के लिए भगवान का नाम लेते हैं।
जब पीएम नहीं रोक पाए अपनी हंसी
सरकार के कामकाज और बयान में विरोधाभाष का आरोप लगाते हुए खडग़े ने ऐसी टिप्पणी कर दी, जिससे सदन में मौजूद पीएम मोदी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। चुनावी वादों से ठीक उलट काम करने का आरोप लगाते हुए खडग़े ने कहा कि आपका तो ऐसा है कि प्यार तो मेरे से है, लेकिन शादी किसी और से है।
खडग़े ने कहा कि सत्ता में आने से पहले मनरेगा का मजाक उड़ाया। अब सरकार बजट बढ़ा कर इसका श्रेय लेना चाहती है। गरीब के नाम पर चुन कर आई और अमीरों के गोद में बैठ गई।