Pakistan: ऐसा क्या हुआ पाकिस्तान में, जो खालिस्तानियों ने कराची, लाहौर और इस्लामाबाद को ही ले लिया टारगेट पर?
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विस्तार
खालिस्तान के जिन आतंकियों और चरमपंथियों को पाकिस्तान बुलाकर आईएसआई ने भारत के खिलाफ साजिश रचने की 21 दिनों की ट्रेनिंग दी। बाद में जब यह प्रशिक्षण खत्म हुआ, तो पाकिस्तान सेना और आईएसआई की ओर से यहां ट्रेनिंग लेने आए खालिस्तानी चरमपंथियों ने पाकिस्तान पर ही 'बाउंस बैक' कर दिया। खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक खालिस्तानी चरमपंथियों के जिस ग्रुप ने पाकिस्तान में आकर प्रशिक्षण लिया उन लोगों की ही टीम से ताल्लुक रखने वाले स्लीपर सेल के आतंकियों ने कराची की सड़कों पर 'पाकिस्तान बनेगा खालिस्तान' के नारे लिखकर वहां हड़कंप मचा दिया। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान की ओर से दी जाने वाली ट्रेनिंग में भारत का माहौल बिगाड़ने का पूरा खाका खींचा गया। लेकिन अंदरूनी तौर पर हुए विवाद के बाद पाकिस्तान में ही इन लोगों ने विद्रोह कर दिया। अब खालिस्तानी आतंकियों का एक बड़ा धड़ा पाकिस्तान एक हिस्से में खालिस्तान की मांग बुलंद करने लगा है।
खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की आईएसआई ने कराची में भारत के विरोध में षड्यंत्र रचने वाले खालिस्तानी चरमपंथियों से अपने स्थानीय हैंडलर के माध्यम से मुलाकात की योजना बनाई। जुलाई और अगस्त के महीने में 7 दिनों के लिए कनाडा, अमेरिका और यूके के कुछ खालिस्तान चरमपंथी पाकिस्तान में रह रहे खालिस्तानी आतंकियों के साथ मिले। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और उनकी सेना के कुछ अधिकारियों ने भारत के खिलाफ बड़ी साजिशों का खाका खींचते हुए खालिस्तान चरमपंथी और आतंकियों को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण सात सात दिनों के तीन चरण में पूरा किया गया।
सात सात दिनों के तीन चरणों में आयोजित किए गए इन आतंकी प्रशिक्षण कैंप में भारत के भीतर अस्थिरता पैदा करने के लिए नशे के कारोबार से लेकर खालिस्तान समर्थन में लोगों को गुमराह करने की साजिशें रची गईं। केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि उसके बाद खालिस्तान समर्थकों का एक ग्रुप कनाडा में जाकर भारत के खिलाफ न सिर्फ पंजाब में, बल्कि देश की राजधानी दिल्ली समेत दुनिया के अलग-अलग प्रमुख देशों में ट्रेनिंग के दौरान मिली सूचनाओं के आधार पर माहौल खराब करने लगा। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान कनाडा से आए कुछ खालिस्तान के समर्थकों की पाकिस्तान में रह रहे खालिस्तानी आतंकियों और आईएसआई समेत पाकिस्तानी सेना के बीच बड़ी डील भी हुई। ये डील पंजाब में सप्लाई किए जाने वाले नशे के कारोबार से संबंधित बताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि इस डील में पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी आतंकियों ने तय मुताबिक रकम और अपने कमिटमेंट कनाडा के कुछ खालिस्तान समर्थकों को पूरे नहीं किए। इसको लेकर इन खालिस्तानी चरमपंथियों के बीच में अंदरूनी विवाद पैदा हो गया।
केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले में सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू ने बीच बचाव कर अपने खालिस्तान एजेंडे को ही सबसे आगे रखने की बात कही। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में पाकिस्तान में रह रहे कुछ खालिस्तानी आतंकियों ने अपने एजेंडे में पाकिस्तान को भी शामिल कर लिया। यही वजह है कि खालिस्तान समर्थकों ने पाकिस्तान के कराची, लाहौर और इस्लामाबाद शहर में खालिस्तान के पक्ष में और पाकिस्तान के विरोध में नारे लिखने शुरू कर दिए। कराची में तो सड़कों से लेकर गलियों और अंडरब्रिज के नीचे भी पाकिस्तान बनेगा खालिस्तान के नारे लिखकर अपनी आमद और अपने मंसूबों को साफ कर दिया।
रक्षा मामलों के जानकार मेजर सुमेश चौधरी का कहना है कि चूंकि पाकिस्तान ने भारत के विरोध में खालिस्तानियों को बड़ी जगह दी। भारत के खिलाफ साजिशों को रचने के लिए जब इस तरीके के बड़े प्लेटफार्म पाकिस्तान में मुहैया कराए जा रहे थे, तो पाकिस्तान ने यह भूल कर दी कि यह साजिश क्या कभी उनको भी जला सकती है। उनका कहना है कि जिस तरीके की सूचनाए आ रही हैं, वह यही है कि पाकिस्तान में तैयार की जा रही खालिस्तानियों को भड़काने की बड़ी साजिश में पाकिस्तान का भी एक बड़ा हिस्सा चपेट में आने वाला है। खुफिया एजेंसी को मिले इनपुट के मुताबिक जिस तरीके से कराची की गलियों में खालिस्तान के समर्थन में नारे बुलंद किए गए। उस तरीके के नारे लाहौर से लेकर इस्लामाबाद तक में लिखे जाने की पटकथा पाकिस्तान के भीतर रह रहे खाली स्थानीय समर्थक लिखने लगे हैं।