{"_id":"5bf88e04bdec2241607110aa","slug":"khadi-made-mass-movement-in-mind-changed-lives-on-new-life","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"खादी को जनांदोलन बना मन की बात ने दिया नया जीवन, स्वच्छता, योग, जल संग्रहण पर बदला देश ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
खादी को जनांदोलन बना मन की बात ने दिया नया जीवन, स्वच्छता, योग, जल संग्रहण पर बदला देश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 24 Nov 2018 06:13 AM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर महीने के आखिरी रविवार को आकाशवाणी पर बेहद चर्चित मन की बात कार्यक्रम के जरिए देश से संवाद शुरू करने के सिलसिला ने कई क्षेत्रों में नए आयाम बनाए। इस कार्यक्रम ने खादी को नया जीवन दिया तो स्वच्छता, जल संग्रहण, योग के प्रति देश का नजरिया बदल कर रख दिया। इसी कार्यक्रम में पीएम की अपील पर करोड़ों लोगों ने गैस सब्सिडी वापस कर दी। यह कार्यक्रम दुनिया में तब चर्चा में आया जब वर्ष 2015 में भारत आए तत्काल अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पीएम मोदी के साथ आतंकवाद जैसे कई विषयों पर अपने विचार साझा किए।
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मई 2014 में देश की बागडोर संभालने के बाद अक्टूबर में इस कार्यक्रम के पहले एपिसोड में लोगों से खादी अपनाने की अपील की। उनकी इस अपील का इतना व्यापक असर हुआ कि अगले ही महीने खादी की बिक्री में 125 फीसदी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
बाद में पुलिस, नौसेना, रेलवे, डाक विभाग, उत्तराखंड सरकार सहित कई अन्य क्षेत्रों में खादी के प्रयोग का चलन बढ़ा। सीधे शब्दों में कहें तो इस कार्यक्रम ने खादी को जनांदोलन का रूप दे दिया। पीएम ने इसी कार्यक्रम के जरिए लोगों से गैस सब्सिडी छोडने की अपील की। इस अपील का भी खादी अपनाने की तर्ज पर लोगों पर जबर्दस्त प्रभाव पड़ा। वर्ष 2016 में एक करोड़ लोगों ने गैस सब्सिडी छोड़ दी। वर्तमान में करीब 25 करोड़ उपभोक्ताओं में से 4 फीसदी उपभोक्ता सब्सिडी का लाभ नहीं ले रहे।
बाद में पुलिस, नौसेना, रेलवे, डाक विभाग, उत्तराखंड सरकार सहित कई अन्य क्षेत्रों में खादी के प्रयोग का चलन बढ़ा। सीधे शब्दों में कहें तो इस कार्यक्रम ने खादी को जनांदोलन का रूप दे दिया। पीएम ने इसी कार्यक्रम के जरिए लोगों से गैस सब्सिडी छोडने की अपील की। इस अपील का भी खादी अपनाने की तर्ज पर लोगों पर जबर्दस्त प्रभाव पड़ा। वर्ष 2016 में एक करोड़ लोगों ने गैस सब्सिडी छोड़ दी। वर्तमान में करीब 25 करोड़ उपभोक्ताओं में से 4 फीसदी उपभोक्ता सब्सिडी का लाभ नहीं ले रहे।
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योग को दी नई पहचान
पीएम मोदी ने इसी कार्यक्रम केजरिए योग को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने की मुहिम छेड़ी। संयुक्त राष्ट्र से 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित करने की अपील की। इस मुहिम को सफलता भी मिली।
स्वच्छता अभियान ने बिखेरी चमक
इसी कार्यक्रम केतहत पीएम ने स्वच्छ भारत अभियान की मुहिम चलाई। देखते ही देखती उनकी मुहिम ने देश की फिजा बदल दी। रिकार्ड संख्या में राज्यों में टॉयलेट बने। कई राज्यों को खुले में शौच से मुक्ति मिली। खासबात यह है कि देश में स्वच्छता के प्रति नजरिया बदला।
सामाजिक सरोकारों को मिली आवाज
पीएम ने इस कार्यक्रम के जरिए सामाजिक मुद्दों को महत्व दिया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सेल्फी विद डॉटर, जन संग्रहण, पर्यावरण बचाओ जैसे मुहिम की शुरुआत इसी कार्यक्रम से हुई। खासबात यह है कि इस कार्यक्रम के जरिए शुरू किए गए मुहिम की न सिर्फ दुनिया में चर्चा हुई, बल्कि इन्हें व्यापक सफलता भी हासिल हुई।
स्वच्छता अभियान ने बिखेरी चमक
इसी कार्यक्रम केतहत पीएम ने स्वच्छ भारत अभियान की मुहिम चलाई। देखते ही देखती उनकी मुहिम ने देश की फिजा बदल दी। रिकार्ड संख्या में राज्यों में टॉयलेट बने। कई राज्यों को खुले में शौच से मुक्ति मिली। खासबात यह है कि देश में स्वच्छता के प्रति नजरिया बदला।
सामाजिक सरोकारों को मिली आवाज
पीएम ने इस कार्यक्रम के जरिए सामाजिक मुद्दों को महत्व दिया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सेल्फी विद डॉटर, जन संग्रहण, पर्यावरण बचाओ जैसे मुहिम की शुरुआत इसी कार्यक्रम से हुई। खासबात यह है कि इस कार्यक्रम के जरिए शुरू किए गए मुहिम की न सिर्फ दुनिया में चर्चा हुई, बल्कि इन्हें व्यापक सफलता भी हासिल हुई।