केशव प्रसाद मौर्य की कुंडली चमक रही है और भाजपा की भी
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चुनाव नतीजे आ चुके हैं और अब सबसे बड़ा सवाल है कि मुख्यमंत्री कौन होगा और उसका कार्यकाल कैसा होगा?
अमर उजाला ने इन सवालों पर महर्षि भृगु ज्योतिष संस्थान के पंडित राकेश कुमार मिश्र से बात की। उनके त्वरित कुंडली विश्लेषण के मुताबिक यूपी में सीएम की कुर्सी के लिए केशव प्रसाद मौर्य के ग्रह सबसे उत्तम दशा में हैं।
उनका कहना है कि मौर्य की कुंडली बता रही है कि उनकी महादशा और गोचर दोनों अनुकूल हैं। उनका सूर्य आगामी 16 अप्रैल से प्रबल प्रतापी दशा में होगा जिससे उनके मान सम्मान में एकाएक बढ़त होगी। उन्होंनें कहा कि इस 16 मार्च से ही उनके ग्रह बहुत अच्छी दशा में आ जाएंगे।
पंडित राकेश मिश्र का कहना है कि सीएम की कुर्सी के लिए राजनाथ सिंह का नाम भी उछला था लेकिन उनकी कुंडली खास अच्छे संकेत नहीं दे रही। हालांकि साढ़ेसाती और शनि का प्रकोप उन पर कुछ कम हुआ है लेकिन गुरू बारहवें भाव में होने के कारण उन्हें अच्छा समर्थन नहीं मिल पाएगा। इसलिए उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावना कम ही है।
कैसी रहेगी बीजेपी सरकार की कुंडली
पंडित मिश्र के मुताबिक पार्टी की कुंडली में शनि और गुरू दोनों कृपालु हैं। खासतौर पर आरंभ के ढाई साल तक गोचर में शनि होंगे और गुरू दशम भाव में सफलता प्रदान करने की स्थिति में होंगे।
इसलिए भाजपा सरकार शुरू के ढाई साल के दौरान बाधाओं से मुक्त होकर कल्याणकारी कार्य करने के लिए मुक्त होगी। इस अवधि में राम मंदिर की दिशा में प्रगति संभव है और गरीबों के लिए कल्याणकारी काम कई हो सकेंगे। हाई कोर्ट और उच्चतम न्यायालय में भी स्थिति अनुकूल रहेगी। लेकिन उसके बाद कुंडली पर दबाव बढ़ जाएगाा और पक्की सरकार होने के बावजूद चुनौतियां खड़ी होने लगेंगी।
केशव प्रसाद मौर्या की र्तमान में शनि की महादशा में गुरू की अन्तर्दशा तथा 2 मार्च 2017 से राहु का प्रत्यन्तर चल रहा है। जो 3 अप्रैल तक रहेगा। शनि सुरवेश, पंचमेश होकर षष्टम भाव में बैठा है। उच्च राशि गत गुरु देख रहे हैं। अर्थात 2 अप्रैल तक तो कुछ झुठे आरोप भी लग सकते हैं। 2 अप्रैल के बाद मुख्यमंत्री बनना निश्चित है। मनोज सिन्हा जी का भी गोचर अनूकुल है। इस कारण इनके भी मुख्यमंत्री बनने की उम्मीद है।
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