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केरलम में ममता शर्मसार: मां के सामने प्रेमी ने घोंट दिया था बच्ची की गला, तीन साल बाद गिरफ्तार; कैसे खुली पोल?
Thu, 22 Oct 2026 11:55 AM IST
अमन मौर्या
पीटीआई, पतनमथिट्टा, केरलम
पीटीआई, पतनमथिट्टा, केरलम
Published by: अमन मौर्या
Updated Thu, 22 Oct 2026 11:55 AM IST
सार
केरलम में अगस्त 2023 में रात में रोने पर एक शख्स ने आठ महीने की बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी थी और शव दलदल में फेंका था। पुलिस ने इस मामले में बच्ची की मां मंजू को गिरफ्तार कर लिया है।
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गिरफ्तार (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केरलम में एक खौफनाक मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने अगस्त 2023 में एक आठ महीने की बच्ची के हत्याकांड मामले में गिरफ्तारी की है। आरोप है कि रात में बच्ची के रोने से एक व्यक्ति को गुस्सा आ गया और उसने उसकी हत्या कर दी, जिसके बाद शव को जिले के ही एक दलदली इलाके में फेंक दिया गया। घटना के लगभग तीन साल बाद, पुलिस ने बच्ची की मां मंजू (38) को गिरफ्तार किया है। वह इस मामले में तीसरी आरोपी है। अधिकारियों ने बताया कि तिरुवल्ला के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) पीआर संतोष के नेतृत्व वाली एक विशेष जांच टीम ने लंबी जांच के बाद उसे गिरफ्तार किया। जानकारी के मुताबिक 12 अगस्त, 2023 को शाम करीब छह बजे, पुलिकीझ पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत वलंजावट्टम में घास से ढके एक दलदली इलाके में बच्ची का शव मिला था।
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पुलिस के मुताबिक, 2023 में अपने पति इसक्की के साथ विवाद के बाद मंजू उसे छोड़कर अपनी नन्ही बेटी के साथ अलाप्पुझा चली गई थी। जब वह कलारकोडे में एक दुकान पर बैठी थी तो सिवन नाम का एक व्यक्ति उसके पास आया और दोनों की देखभाल करने की पेशकश की। इसके बाद मंजू, सिवन के साथ चंगनासेरी चली गई, जहां वे बच्ची के साथ एक दुकान के बरामदे में रहने लगे।
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पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस ने बताया कि अगस्त 2023 की एक रात, सोते समय बच्ची रोने लगी। आरोप है कि सिवन को गुस्सा आ गया और उसने बच्ची का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। शव को ठिकाने लगाने के लिए, सिवन और मंजू ने उसके छोटे भाई शक्ति को बुलाया। आरोप है कि तीनों ने मिलकर शक्ति के स्कूटर पर शव को रखा और वलंजावट्टम के दलदली इलाके में फेंक दिया, जिसके बाद वे वहां से चले गए। यह मामला तब सामने आया जब मंजू बिना बच्ची के पलक्कड़ स्थित अपनी कॉलोनी वापस लौट आई। वह मीनाक्षीपुरम पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत, मीनकारा बांध के पास स्थित चेम्मानाथोडु अनुसूचित जनजाति कॉलोनी की रहने वाली थी, जहां वह एक कॉलोनी प्रमोटर के रूप में भी काम करती थी।
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कैसे खुली पोल?
जब स्थानीय कॉलोनी प्रमोटर ने उससे लापता बच्चे के बारे में पूछा, तो मंजू कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाई। इसके बाद प्रमोटर ने मीनाक्षीपुरम पुलिस को सूचना दी, जिन्होंने उससे पूछताछ की और हत्या का खुलासा किया। मीनाक्षीपुरम पुलिस थाने में पूछताछ के दौरान, मंजू ने कथित तौर पर अपना अपराध कबूल कर लिया। बाद में, पुलिस की एक विशेष टीम ने उसे हिरासत में ले लिया और आगे की पूछताछ के लिए पुलिकीझ पुलिस थाने ले गई। पथानामथिट्टा जिला पुलिस प्रमुख आर आनंद के निर्देशन में पुलिस इस मामले के पहले और दूसरे आरोपी (सिवन और शक्ति) की तलाश कर दी है। तीसरी आरोपी मंजू को अदालत के सामने पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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पुलिस के मुताबिक, 2023 में अपने पति इसक्की के साथ विवाद के बाद मंजू उसे छोड़कर अपनी नन्ही बेटी के साथ अलाप्पुझा चली गई थी। जब वह कलारकोडे में एक दुकान पर बैठी थी तो सिवन नाम का एक व्यक्ति उसके पास आया और दोनों की देखभाल करने की पेशकश की। इसके बाद मंजू, सिवन के साथ चंगनासेरी चली गई, जहां वे बच्ची के साथ एक दुकान के बरामदे में रहने लगे।
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पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस ने बताया कि अगस्त 2023 की एक रात, सोते समय बच्ची रोने लगी। आरोप है कि सिवन को गुस्सा आ गया और उसने बच्ची का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। शव को ठिकाने लगाने के लिए, सिवन और मंजू ने उसके छोटे भाई शक्ति को बुलाया। आरोप है कि तीनों ने मिलकर शक्ति के स्कूटर पर शव को रखा और वलंजावट्टम के दलदली इलाके में फेंक दिया, जिसके बाद वे वहां से चले गए। यह मामला तब सामने आया जब मंजू बिना बच्ची के पलक्कड़ स्थित अपनी कॉलोनी वापस लौट आई। वह मीनाक्षीपुरम पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत, मीनकारा बांध के पास स्थित चेम्मानाथोडु अनुसूचित जनजाति कॉलोनी की रहने वाली थी, जहां वह एक कॉलोनी प्रमोटर के रूप में भी काम करती थी।
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कैसे खुली पोल?
जब स्थानीय कॉलोनी प्रमोटर ने उससे लापता बच्चे के बारे में पूछा, तो मंजू कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाई। इसके बाद प्रमोटर ने मीनाक्षीपुरम पुलिस को सूचना दी, जिन्होंने उससे पूछताछ की और हत्या का खुलासा किया। मीनाक्षीपुरम पुलिस थाने में पूछताछ के दौरान, मंजू ने कथित तौर पर अपना अपराध कबूल कर लिया। बाद में, पुलिस की एक विशेष टीम ने उसे हिरासत में ले लिया और आगे की पूछताछ के लिए पुलिकीझ पुलिस थाने ले गई। पथानामथिट्टा जिला पुलिस प्रमुख आर आनंद के निर्देशन में पुलिस इस मामले के पहले और दूसरे आरोपी (सिवन और शक्ति) की तलाश कर दी है। तीसरी आरोपी मंजू को अदालत के सामने पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।